'तुझे भी कलमा पढ़ाकर मुस्लिम बना देंगे', अमरोहा में अस्पताल संचालक ने दलित नर्स की जिंदगी की बर्बाद, कन्वर्जन के बाद किया निकाह!

बीएस आर्य

• 02:03 PM • 21 Jul 2026

उत्तर प्रदेश के अमरोहा के हसनपुर में एक निजी अस्पताल के संचालक पर दलित नर्स का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने का आरोप लगा है. परिजनों के धरने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपी के साथ लापता युवती की तलाश शुरू कर दी है.

Amroha Hospital Conversion Case

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Amroha Hospital Conversion Case: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में एक निजी अस्पताल के संचालक पर दलित नर्स का कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने का आरोप लगा है. पीड़ित परिवार के अस्पताल के बाहर धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. परिजनों का आरोप है कि युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया, जबकि उसकी शादी पहले से तय थी. पुलिस अब आरोपी और लापता युवती की तलाश में जुटी है.

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युवती की तलाश जारी

मामला अमरोहा के हसनपुर थाना क्षेत्र स्थित साईं जीवनदान अस्पताल का है. सैदनगली के उझारी निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी इसी अस्पताल में नर्स के तौर पर काम करती थी. परिवार के मुताबिक युवती का विवाह तय हो चुका था, लेकिन इसकी जानकारी मिलने के बाद अस्पताल संचालक ने पहले लड़के वालों को भड़काया और फिर युवती को अपने साथ लेकर फरार हो गया. जब परिवार को कोई मदद नहीं मिली तो उन्होंने अस्पताल के बाहर धरना शुरू किया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

धमकी देने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर साईं जीवनदान अस्पताल का संचालन किया. उनका कहना है कि बेटी के बारे में जानकारी लेने जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्रता की. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि स्टाफ ने पिता को धमकाते हुए कहा, "चला जा, नहीं तो तुझे भी यहीं कलमा पढ़ाकर मुस्लिम बना देंगे." परिवार का यह भी आरोप है कि अस्पताल में लव जाल फैलाने और गौकशी जैसी गतिविधियां भी होती हैं. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

कई धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. एफआईआर में जातिसूचक शब्द कहने, धर्म परिवर्तन कराने और अन्य आरोपों का भी उल्लेख किया गया है. परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है.

युवती की तलाश में पुलिस की दबिश

अब इस मामले के सामने आने के बाद अमरोहा में निजी अस्पतालों के संचालन और उनकी निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. पुलिस ने आरोपी अस्पताल संचालक की तलाश तेज कर दी है और लापता युवती की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.