'NEET पेपर' लीक को 'नीट अखबार' बोलकर फिर फंसे रवि किशन! बुरी तरह हो गए ट्रोल

यूपी तक

• 12:44 PM • 23 Jul 2026

नीट पेपर लीक विवाद पर बयान देते समय बीजेपी सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन की जुबान फिसल गई. 'नीट पेपर' की जगह 'नीट अखबार लीक' कहने का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और मीम्स की बाढ़ आ गई.

Ravi Kishan

Ravi Kishan

Google CTA

देश भर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है. एक तरफ जहां छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ इस गंभीर मुद्दे पर बयान देते हुए बीजेपी सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो गए हैं. मीडिया से बातचीत के दौरान रवि किशन की जुबान ऐसी फिसली कि वे नीट पेपर लीक की जगह 'नीट अखबार लीक' बोल गए. उनके इस बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और यूजर्स इस पर तरह-तरह के मीम्स बनाकर तंज कस रहे हैं.

यह भी पढ़ें...

'नीट अखबार लीक करने की कोई जुर्रत न करे' 

संसद सत्र के दौरान जब मीडिया ने रवि किशन से नीट मामले पर सवाल पूछा और प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने अपराधियों को सख्त सजा देने की वकालत की. हालांकि इसी दौरान उनकी जुबान फिसल गई. उन्होंने कहा 'जो भी 13 अपराधी पकड़े गए है उन्हें बड़े से बड़ा वकील रखकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि आने वाले भविष्य में कोई भी भारत में बच्चों के भविष्य के साथ खेलने या 'नीट अखबार' को लीक करने की जुर्रत न करे.'

नीट पेपर की जगह नीट अखबार बोलते ही उनका यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर शेयर होने लगा. यूजर्स उनकी इस चूक पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. साथ ही उनके पुराने बयानों को याद दिलाकर मीम्स बना रहे हैं.

विपक्ष से संवाद और बच्चों के मार्ग दर्शन पर दी सलाह

रवि किशन ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है. क्योंकि यह मामला राज्यों और केंद्र दोनों से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर सदन नहीं चलने दे रहा है तब भी उनके साथ बैठकर उनका दर्द जानना चाहिए और मित्रता बनाए रखनी चाहिए ताकि मिलकर समाधान निकाला जा सके. रवि किशन ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें गुमराह होने से बचाना सरकार व समाज का दायित्व है.

देश भर में जारी है नीट धांधली के खिलाफ प्रदर्शन

रवि किशन का यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब देश के लाखों छात्र सड़कों पर रोष व्यक्त कर रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश भर से आए छात्र इकट्ठा होकर धरना दे रहे हैं. वहीं बिहार समेत कई राज्यों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिले हैं. सोशल मीडिया पर लगातार सरकार और परीक्षा प्रणाली की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ऐसे में सत्तारूढ़ दल के सांसद की इस गैर-जिम्मेदाराना जुबानी चूक ने आग में घी डालने का काम किया है.