Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सड़क निर्माण में हो रही भयंकर देरी और सीवर लाइन के नाम पर चल रही अंतहीन खुदाई से परेशान स्थानीय लोगों और नेताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है. काजीपुरा क्रॉसिंग से एनसीसी तिराहे तक पिछले कई वर्षों से खुदी पड़ी बदहाल सड़क पर आज लोगों ने धान की रोपाई कर अपना आक्रोश जताया. प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए कहा कि अब इस सड़क को किसानों को आवंटित कर देना चाहिए ताकि वह इसमें धान की खेती या मछली पालन कर सके.
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मोहनजोदड़ो जैसी खुदाई, सरकार करें जांच
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के युवा नेता सागर सिंह राहुल ने सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि विगत 3 से 4 वर्षों से बलिया में गड्ढा खोदो कल्याण योजना चलाई जा रही है. आगे कहा की आधे से ज्यादा बलिया के लोगों को यह पता ही नहीं है कि यहां क्या खुद रहा है? यह मोहनजोदड़ो के समय की खुदाई जैसी लगती है. मुझे तो लगता है कि कहीं अंदर-अंदर गुफा बनाकर बिहार तक शराब सप्लाई करने की तो योजना नहीं है? इसकी भी जांच होनी चाहिए.
उन्होंने मांग की कि काजीपुरा क्रॉसिंग से मारकंडे सिंह की मूर्ति तक की इस सड़क को किसानों को सौंप दिया जाए, कम से कम धान और साग सब्जी उगाने से सरकार को कुछ राजस्व तो प्राप्त होगा. उन्होंने यह भी कहा की धूल और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चुका है. घरों की खिड़कियां बंद रहती है और लोगों को तिरपाल लगाकर रहना पड़ रहा है.
20 साल से अधूरा सीवर प्रोजेक्ट, जनता त्रस्त
इस दौरान यह बात सामने आई की बलिया में सीवर योजना का काम लगभग 20 साल पहले 2006 के आसपास शुरू हुआ था, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है. कांग्रेस नेता रूपेश चौबे ने इस मुद्दे पर सरकार और जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इसी सड़क को बनवाने और सीवर की जांच की मांग को लेकर उन पर कई बार मुकदमे दर्ज हुए और धरना प्रदर्शन करने पड़े, उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई नया मंत्री या अधिकारी आता है सीवर जांच के नाम पर केवल खाना पूर्ति होती है लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिखता.
बलिया का सबसे बड़ा घोटाला है सीवर प्रोजेक्ट
रूपेश चौबे ने दावा किया कि इस सड़क और सीवर निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपए का गबन किया गया है, उन्होंने कहा कि यह बलिया जनपद का सबसे बड़ा सीवर घोटाला है. जनता इतनी डरी हुई है की आवाज उठाने पर मुकदमा का डर दिखाया जाता है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द मानक के तहत इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया और सीवर घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे आने वाले दिनों में आमरण अनशन और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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