ऐसा दंड मिले कि आने वाली पीढ़ियां कांप उठें... राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भड़के रवि किशन, कहा-मस्जिद और गुरुद्वारे में भी न हो ऐसा घिनौना काम

यूपी तक

• 04:13 PM • 15 Jul 2026

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सांसद रवि किशन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे महापाप बताया. उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की और कहा कि धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है.

Ravi Kishan

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Ravi Kishan: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों के दिलों को गहरी ठेस पहुंचाई है. इस घटना को लेकर देश के हिंदू समाज, पुजारियों और संतों में भयंकर आक्रोश है. इस बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 जुलाई को आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में भोजपुरी एक्टर और सांसद रवि किशन भी पहुंचे.  इस दौरान जब उनसे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे महापाप बताया. उन्होंने मांग की है कि इस घिनौने अपराध में शामिल पापियों को साल 2026 में ऐसी ऐतिहासिक और कठोर सजा दी जाए.

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एक पुजारी के बेटे और हिंदू होने के नाते मेरा सीना फट रहा है- रवि किशन

अयोध्या मामले पर अपनी बात रखते हुए रवि किशन ने कहा कि 'बहुत बड़ा पाप हुआ है अयोध्या में... बहुत बड़ा पाप! एक पंडित होने के नाते, हिंदू होने के नाते और एक पुजारी का बेटा होने के नाते हमारे आराध्य प्रभु श्री राम के मंदिर में हुए इस घिनौने काम से मुझे जो पीड़ा हुई है, उसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता. यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है. ऐसे पापियों के लिए कानून की किताबों में सबसे सख्त सजा होनी चाहिए.'

धर्म के नाम पर डाका डालने वालों को मिले कड़ा सबक

रवि किशन ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह का घिनौना और शर्मनाक काम किसी भी धर्मस्थल पर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र चाहे हिंदू मंदिर हों, मुस्लिम मस्जिदें हों, सिखों के गुरुद्वारे हों या ईसाइयों के गिरजाघर. कहीं भी ऐसा पाप बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने मांग की कि इस मामले में ऐसा कड़ा संदेश जाना चाहिए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धर्म के नाम पर ऐसा घृणित और घोर अपराध करने की हिम्मत न कर सके.

SIT का एक्शन

अयोध्या में हुए इस भंडाफोड़ के बाद प्रशासन भी पूरी तरह से एक्शन में आ चुका है.  इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था. एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस साजिश में शामिल कई आरोपियों को धर-दबोचा है. इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा 'यह राहत की बात है कि तुरंत एसआईटी का गठन हुआ और जो भी लोग इसमें शामिल थे वे पकड़े गए हैं. अभी जो लोग बचे हैं और जांच में जिनके नाम सामने आएंगे, वे भी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे. हमारी मांग है कि उन्हें ऐसी सजा मिले कि आने वाले समय में पूरे भारत के किसी भी मंदिर का कोई भी व्यक्ति अगर ऐसा करने की गलती से भी सोचे, तो उसकी रूह कांप जाए.'