Chandauli News: बलदेव यादव मौत प्रकरण, पीड़ित परिवार से मिले सांसद वीरेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹50 लाख मुआवजे की मांग

Newzo

• 04:04 PM • 15 Jul 2026

Chandauli Baldev Yadav Death Case: मार्ग चौड़ीकरण के दौरान बलदेव यादव की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है. सांसद वीरेंद्र सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹50 लाख मुआवजे की मांग उठाई. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और ध्वस्तीकरण अभियान की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए.

बलदेव यादव मौत प्रकरण, पीड़ित परिवार से मिले सांसद वीरेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹50 लाख मुआवजे की मांग

बलदेव यादव मौत प्रकरण, पीड़ित परिवार से मिले सांसद वीरेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹50 लाख मुआवजे की मांग

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Chandauli Baldev Yadav Death Case: नई दांडी निवासी बलदेव यादव उर्फ झिंगुरी की मार्ग चौड़ीकरण के दौरान हुई दर्दनाक मौत के बाद बुधवार को चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.

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मीडिया से बातचीत में सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है. मृतक बलदेव यादव परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और उनकी आय से ही पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था. उन्होंने कहा कि किसी भी आर्थिक सहायता से मृतक की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन परिवार को भविष्य में संभलने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए.सांसद ने बताया कि घटना के दिन से लेकर पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार तक समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा दी गई सहायता राशि परिवार ने स्वीकार कर ली है, लेकिन सरकार को भी आगे आकर उचित मुआवजा देना चाहिए.

वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी से बातचीत के बाद किसान बीमा योजना के तहत परिवार को ₹5 लाख की सहायता मिलने की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹50 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि वह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री को पत्र सौंपेंगे और इस संबंध में औपचारिक अनुरोध करेंगे.

ध्वस्तीकरण अभियान पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि सरकार बिना पर्याप्त संवाद और तैयारी के कार्रवाई कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को अपनी व्यवस्था करने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे लोगों में आक्रोश है. उन्होंने सुरक्षा मानकों के पालन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए. कांग्रेस द्वारा ₹1 करोड़ मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग पर सांसद ने कहा कि हर दल अपनी-अपनी सोच के अनुसार मांग रख रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹50 लाख की सहायता की मांग की जा रही है.

घटना को दबाने के प्रशासनिक प्रयासों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना को छिपाया नहीं जा सकता था, क्योंकि पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में थे और हर स्तर पर उनके साथ मौजूद रहे.इस दौरान चंद्रशेखर यादव, राजकुमार जायसवाल, अमरनाथ, मोनू जायसवाल, गुड्डू नफीस, संतोष यादव, मुसाफिर सिंह चौहान, आनंद सिंह, वीरेंद्र यादव, सुदामा यादव, ओसाफ (गुड्डू) अहमद सहित समाजवादी पार्टी के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.