Amethi News: विकास खंड गौरीगंज में बुधवार को कार्य व्यवस्था उस समय प्रभावित हो गई, जब बड़ी संख्या में पंचायत सचिवों ने एडीओ पंचायत के नेतृत्व में कार्य बहिष्कार कर कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया. कर्मचारियों ने ब्लॉक में तैनात कनिष्ठ लिपिक पर अभद्र व्यवहार और कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया. धरने की सूचना मिलते ही कई ग्राम प्रधान भी कर्मचारियों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए और आंदोलन में शामिल हो गए.
ADVERTISEMENT
धरने पर बैठे पंचायत सचिवों ने मांग कि संबंधित कनिष्ठ लिपिक को जिला मुख्यालय से संबद्ध किया जाए अथवा उनके कार्य क्षेत्र में परिवर्तन किया जाए. कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी का व्यवहार सहयोगात्मक नहीं है और आए दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रहती है.
एडीओ आरटी सरला कनौजिया ने बताया कि कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक कंचन सिंह कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वह समय से कार्यालय नहीं आतीं और कर्मचारियों को विभिन्न मामलों में धमकाने का भी प्रयास करती हैं. इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की गई है.
वहीं, कनिष्ठ लिपिक कंचन सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कार्यालय के कुछ कर्मचारी उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जाती हैं तथा उनके चरित्र पर भी टिप्पणी की जाती है. कंचन सिंह का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
कार्यालय में कर्मचारियों के धरने और कार्य बहिष्कार के चलते विकास खंड में पहुंचे फरियादियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोग अपने कार्य नहीं करा सके और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा. फिलहाल मामला दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है. मामले के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग की जा रही है.
ADVERTISEMENT











