Amethi News: जिले में घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. थोक और फुटकर बाजार के बीच 15 से 20 प्रतिशत तक का मूल्य अंतर होने से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. थोक बाजार से खरीदारी करने वाले लोगों को कुछ राहत मिल रही है, जबकि मोहल्लों और कस्बों की खुदरा दुकानों पर वही सामान अधिक कीमत पर उपलब्ध है.
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गौरीगंज के थोक बाजार में छिलका अरहर दाल 80 रुपये प्रति किलो और साफ अरहर दाल 110 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं चावल की गुणवत्ता के अनुसार कीमत 40 से 100 रुपये प्रति किलो तथा आटा 28 रुपये प्रति किलो उपलब्ध है.
दूसरी ओर अमेठी के फुटकर बाजार में छिलका मिश्रित अरहर दाल 88 रुपये, साफ अरहर दाल 115 रुपये, चावल 39 से 60 रुपये तथा आटा 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसके अलावा सरसों का तेल 165 रुपये प्रति लीटर, रिफाइंड तेल 140 रुपये प्रति लीटर, घी 650 रुपये प्रति किलो, धनिया 180 रुपये, लाल मिर्च 260 रुपये और हल्दी 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बेची जा रही है.
व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च, भंडारण, दुकान का किराया और खुदरा विक्रेताओं के लाभांश के कारण फुटकर बाजार में कीमतें थोक बाजार की तुलना में अधिक हो जाती हैं.
अमेठी बाजार भाव: थोक बनाम फुटकर
| वस्तु | थोक बाजार | फुटकर बाजार |
|---|---|---|
| छिलका अरहर दाल | ₹80/किलो | ₹88/किलो |
| साफ अरहर दाल | ₹110/किलो | ₹115/किलो |
| चावल | ₹40–100/किलो | ₹39–60/किलो |
| आटा | ₹28/किलो | ₹30/किलो |
| सरसों का तेल | — | ₹165/लीटर |
| रिफाइंड तेल | — | ₹140/लीटर |
| घी | — | ₹650/किलो |
| धनिया | — | ₹180/किलो |
| लाल मिर्च | — | ₹260/किलो |
| हल्दी | — | ₹200/किलो |
सराय भागमानी निवासी जंग बहादुर सिंह ने बताया कि रसोई का मासिक बजट लगातार बढ़ता जा रहा है और पहले की अपेक्षा आवश्यक वस्तुओं पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है. पूरे घुंडलियन के सतीश तिवारी ने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है. गौरीगंज निवासी टीपू सुल्तान का कहना है कि दुकानदार समय-समय पर खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ा देते हैं, जिससे उपभोक्ताओं का बजट प्रभावित होता है. प्रदीप अग्रहरि ने सरकार से थोक और फुटकर कीमतों के अंतर को नियंत्रित करने की मांग की, जबकि गया प्रसाद पांडेय ने खाद्य तेल और दालों के दाम कम करने की आवश्यकता बताई.
जिला बाट माप अधिकारी ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को कम तौल, अधिक मूल्य वसूली या किसी अन्य उपभोक्ता संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है तो वह संबंधित कार्यालय में या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है. विभागीय स्तर पर शिकायतों का निस्तारण नियमानुसार किया जाता है.
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