Jayant Chaudhary Statement: राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी का एक नया बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है. सहारनपुर में 3 सितंबर को एक रैली के दौरान जयंत चौधरी ने 'A-B-C-D' का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि 'A-B-C-D' के बाद 'G' से गन्ना और 'J' से जाट आता है. लेकिन अब इस 'G' और 'J' वाले बयान पर समाजवादी पार्टी ने पलटवार किया है. सपा नेताओं का दावा है कि जयंत चौधरी ने अपने भाषण में 'G फॉर गुर्जर' न बोलकर गुर्जर समाज को नाराज किया है.
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जयंत चौधरी ने सपा पर कसा तंज
3 सितंबर को सहारनपुर में आयोजित एक रैली में जयंत चौधरी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर अनोखे अंदाज में निशाना साधा था. उन्होंने जनता से कहा कि सपा की शब्दावली को कभी भूलना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि ए बी सी डी के बाद ई, एफ और फिर 'जी फॉर गन्ना' आता है, वहीं 'जे फॉर' क्या होता है. यह बताने की जरूरत नहीं है. उन्होंने याद दिलाया कि पाल, यादव, गुर्जर या जाटव समाज चौधरी चरण सिंह का समाज है.
'दबाव में पीछे हटने वाली नहीं RLD'
जयंत चौधरी ने अपनी रैली में यह भी साफ किया था कि उनकी राजनीति व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब लगातार उनकी पार्टी और समर्थकों पर तंज कसे जाएंगे, तो उसका माकूल जवाब देना भी जरूरी है. जयंत ने दावा किया कि आरएलडी (RLD) हमेशा किसानों, मजदूरों और कमेरे वर्ग के सम्मान के लिए खड़ी रही है और किसी के दबाव या राजनीतिक छींटाकशी से पीछे हटने वाली नहीं है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 'G फॉर गन्ना' और 'G फॉर गुर्जर' का यह विवाद पश्चिमी यूपी की राजनीति में क्या नया मोड़ लाता है.
सपा नेता मोहित नागर का पलटवार
नोएडा में समाजवादी पार्टी छात्र सभा के अध्यक्ष मोहित नागर ने जयंत चौधरी के 'G फॉर गन्ना' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा, 'अगर आप गुर्जर समाज के इतने ही हितैषी हैं तो आपने उस भरे मंच से क्यों नहीं कहा कि G फॉर गुर्जर सम्राट मिहिर भोज भी होता है? जब गुर्जर समाज के मान-सम्मान, इतिहास या हिस्सेदारी की बात आती है, तब आपके मुंह पर ताले क्यों लग जाते हैं?'
'आपने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जो गुर्जर अध्यक्ष बनाया है, उसका गला घोंट दिया गया है. उसने अपनी कमेटी में एक भी गुर्जर को नहीं लिया है. क्या गुर्जर बावले हैं? क्या गुर्जरों का कोई अधिकार या हिस्सेदारी नहीं है? क्या गुर्जर सिर्फ दरी बिछाने, वोट देने और आपके पैर दबाने के लिए हैं? नवाब सिंह नागर के स्वागत तो बहुत करवाए गए, लेकिन क्या उन्हें ऐसे पद दिए गए जिससे समाज का सम्मान बढ़े? तुममें से किसी की हैसियत नहीं है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कह सके कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर थे, हैं और रहेंगे.'
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