शिक्षक दिवस के दिन छात्रों ने शिक्षा सेवा चयन आयोग को घेरा, भर्ती में देरी और इन मांगो को लेकर किया प्रदर्शन

यूपी तक

06 Sep 2026 (अपडेटेड: 06 Sep 2026, 02:30 PM)

Prayagraj Student Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शिक्षक भर्ती को लेकर छात्रों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है. शिक्षक दिवस के मौके पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है.

Google CTA

Prayagraj Student Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शिक्षक भर्ती को लेकर छात्रों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है. शिक्षक दिवस के मौके पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है. छात्रों के हाथों में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर थी और वे नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने, पुरानी नियमावली लागू करने और हाल ही में टीजीटी-पीजीटी (TGT-PGT) में किए गए बदलावों का विरोध कर रहे थे. अपनी मांगों को लेकर अड़े छात्र जब आयोग के बाहर धरने पर बैठ गए, तो पुलिस ने उन्हें वहां से उठाने की कोशिश की, जिससे माहौल और भी गरमा गया.

यह भी देखें...

लंबे समय से नहीं आई शिक्षक भर्ती

आयोग के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वे पिछले 8-9 सालों से प्राइमरी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं. उनका सवाल था कि जो 11,000 या 60,000 भर्तियों की बातें अखबारों में छप रही हैं, उनकी सच्चाई क्या है और सरकार आखिर कब ये भर्तियां निकालेगी? छात्रों का आरोप है कि चुनाव के नजदीक आते ही सरकार को सारी परीक्षाएं याद आ जाती हैं, जो कि छात्रों के भविष्य के साथ एक धोखा है.

अचानक टीजीटी में टेट लागू करने का विरोध

छात्रों में सबसे ज्यादा नाराजगी टीजीटी में अचानक टेट (TET) और सीटेट (CTET) लागू करने को लेकर है. छात्रों का कहना है कि सरकार ने हाल ही में टेट की परीक्षा कराई, लेकिन तब यह नहीं बताया गया कि टीजीटी के लिए इसे अनिवार्य किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोई भी नया नियम लागू करने से पहले कम से कम 6 महीने का समय दिया जाना चाहिए, ताकि छात्र उसके अनुसार अपनी तैयारी कर सकें. "चट मंगनी पट ब्याह" की तर्ज पर अचानक फैसले लेने से छात्रों में भारी रोष है.

पीजीटी में 50% कैप और एकल विषय का मुद्दा

टीजीटी के अलावा पीजीटी में भी 50% का कैप लगाने और एकल विषय (Single Subject) से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्र परेशान हैं. छात्रों ने कहा कि साल 2020 से पहले एकल विषय को मान्यता मिली हुई थी, लेकिन अब ऐसा क्यों नहीं है. उनका कहना है कि आए दिन नए नियम बनाकर सिर्फ छंटनी करने का काम किया जा रहा है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है.

टेट नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

छात्रों ने यूपीटेट (UPTET) के हालिया रिजल्ट में अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण जिनके 100 नंबर थे, वे घटकर 80 पर आ गए और जिनके 80 नंबर थे, वे 120-130 तक पहुंच गए. कई छात्रों के नंबर तो 150 से भी ऊपर चले गए हैं. छात्रों ने आयोग से मांग की है कि वह एक विस्तृत विज्ञप्ति जारी करके बताए कि किस शिफ्ट में कितने नंबर बढ़ाए या घटाए गए हैं, ताकि यह भ्रामक स्थिति दूर हो सके.

पुलिस ने धरने पर बैठे छात्रों को उठाया

अपनी मांगों को लेकर छात्र और युवा मंच के नेता पंकज पांडे समेत कई अन्य लोग शिक्षा सेवा चयन आयोग के सामने जमीन पर धरने पर बैठ गए. इसके बाद वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें उठाने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और छात्रों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली. छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें सुनी नहीं जातीं और उन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा.