Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार जारी है. 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद घायल हुए प्रदर्शनकारी अब भी धरना स्थल पर मौजूद हैं. यूपी तक से बातचीत में कई छात्रों और युवाओं ने उस दिन की घटनाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे.
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‘हम पर लाठीचार्ज हुआ, हम भाग रहे थे’
दिल्ली से आए आकाश नाम के एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि 20 जुलाई को उन पर लाठीचार्ज हुआ और उन्हें गंभीर चोटें आईं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सिविल ड्रेस में थे और पुलिस उनके साथ मौजूद थी. आकाश ने कहा कि वह टॉयलेट की ओर जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ और गिरने के बाद भी उन्हें पीटा गया. उन्होंने कहा कि वे छात्र हैं और उन्हें अपराधियों की तरह व्यवहार किए जाने से दुख हुआ.
उत्तर प्रदेश के छात्र ने कहा- ‘हम शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे’
उत्तर प्रदेश से आए द्रविड़ यादव ने कहा कि वे संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक पैदल मार्च कर रहे थे. उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा कि वे लगातार पुलिस से मारपीट रोकने की अपील कर रहे थे.
द्रविड़ यादव ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए.
मध्य प्रदेश के युवक का वीडियो हुआ था वायरल
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से आए अनिल सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उनके सिर पर चोट दिखाई दे रही थी. उन्होंने बताया कि वे प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं और अन्य छात्रों को बचाने की कोशिश कर रहे थे. उनके अनुसार वे गुलाब का फूल लेकर आगे बढ़े थे, लेकिन उन्हें लाठी मारी गई.
अनिल सिंह ने कहा कि वे 17 जुलाई को अपने गांव से निकले थे और तब से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, वे आंदोलन जारी रखेंगे.
बारिश में भी मंच के नीचे बैठे रहे प्रदर्शनकारी
जंतर-मंतर पर तेज बारिश के बावजूद धरना जारी रहा. कई प्रदर्शनकारी मंच के नीचे और त्रिपाल के सहारे बैठे नजर आए. वॉलंटियर्स खाने और अन्य व्यवस्थाओं को संभालते दिखे. खुले आसमान के नीचे 24 घंटे आंदोलन जारी रखना आसान नहीं है, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे.
देशभर से पहुंचे लोग
धरना स्थल पर मौजूद लोगों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों से आए युवा शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक पार्टी, धर्म या जाति का नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य का सवाल है.
आगे की रणनीति पर सबकी नजर
फिलहाल जंतर-मंतर पर मंच से लगातार संबोधन हो रहे हैं और प्रदर्शनकारी वहीं डटे हुए हैं. अब नजर इस बात पर है कि आंदोलन की अगली रणनीति क्या होगी और सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देती है.
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