अखिलेश यादव के डिटेन होते ही यूपी में मच गया सियासी बवाल...आधी रात हाईवे पर उतरे सपा कार्यकर्ता, जमकर की नारेबाजी!

यूपी तक

• 11:05 AM • 22 Jul 2026

Jantar Mantar Protest: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव को डिटेन किए जाने के बाद फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने देर रात धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. सपा कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं की रिहाई, छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई.

Google CTA

Jantar Mantar Protest: दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन और उसके बाद अखिलेश यादव को डिटेन किए जाने की खबर का असर अब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई देने लगा है. फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने देर रात नेशनल हाईवे-2 के किनारे सुभाष चौराहे पर धरना शुरू कर दिया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई सांसदों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं बल्कि डिटेन किया गया था, लेकिन इससे कार्यकर्ताओं का आक्रोश कम नहीं हुआ.

यह भी देखें...

हाईवे किनारे जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

फिरोजाबाद शहर में धरने के दौरान बड़ी संख्या में सपा समर्थक मौजूद रहे. जिला मुख्यालय, शिकोहाबाद और टूंडला समेत कई स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई. मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी सिटी, सीओ सिटी और कई थानों की पुलिस तैनात रही. प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते हुए छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और अपने नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे.

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला

धरने में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों और छात्राओं के साथ बर्बरता हुई और उन्हें लाठीचार्ज व आंसू गैस का सामना करना पड़ा. उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी के सांसद छात्रों की आवाज उठाने गए थे, जिसके बाद उन्हें डिटेन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब तक अखिलेश यादव और अन्य सांसदों को छोड़ा नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी

सपा नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उनका कहना था कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उन्होंने नेशनल हाईवे को ब्लॉक नहीं किया. वे सुभाष चौराहे के पास बैठकर विरोध जता रहे थे.

बाद में सपा ने खत्म कराया धरना

धरने के दौरान समाजवादी पार्टी की ओर से एक पोस्ट जारी की गई, जिसमें कहा गया कि अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है और सभी कार्यकर्ता अपना धरना समाप्त करें. पोस्ट में यह भी कहा गया कि छात्रों के हक के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

क्या था पूरा विवाद?

20 जुलाई को "चलो संसद" आंदोलन के तहत जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था. प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर बल प्रयोग के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि झड़प के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल हुए. इसके बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे, जहां से अखिलेश यादव को पुलिस ने डिटेन किया था. इसी घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.

सपा नेता पवन पांडे का दावा

धरने के दौरान सपा नेता पवन पांडे ने यह भी दावा किया कि उन्हें कई बार भाजपा की ओर से राजनीतिक प्रस्ताव मिले थे, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को दी. उन्होंने मुलायम सिंह यादव से जुड़ी एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार का समाजवादी आंदोलन से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है और वे पार्टी के साथ खड़े रहेंगे.

फिलहाल जंतर-मंतर आंदोलन, नीट और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा, तथा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बना हुआ है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह आंदोलन और सियासी टकराव आगे किस दिशा में जाता है.