Chandrashekhar Azad Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच अब सियासी हलचल भी तेज हो गई है. नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संसद परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया है. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं और छात्राओं के साथ अन्याय हुआ और वह इसे देखकर चुप नहीं रह सकते.
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'लाठियां पैरों पर नहीं, सिर पर मारी गईं'
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी कोई राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि पढ़ाई करने वाले छात्र थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई की.
उन्होंने कहा, "लाठियां पैरों में नहीं मारी गईं, सिर पर मारी गईं. लड़कियों के कपड़े तक फट गए." उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के तौर पर जो हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ता आया है, वह ऐसी घटना के बाद चुप नहीं बैठ सकता.
भारी बारिश में रातभर जारी रहा धरना
चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि वह 20 जुलाई की रात करीब 11 बजे से संसद परिसर में धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि पूरी रात तेज बारिश होती रही, लेकिन इससे उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि वह डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठे हैं, जिनके संविधान ने उन्हें संघर्ष करने की ताकत दी और संसद तक पहुंचने का अवसर दिया.
'छात्र किसी पार्टी के कार्यकर्ता नहीं थे'
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा पहुंचे थे. उनके चेहरे और बातचीत से साफ पता चल रहा था कि वे छात्र हैं, किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं.
उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान करने की बात कही जाती है तो फिर पिछले 30 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत क्यों नहीं की गई.
सरकार से संवाद की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर सरकार ने पहले ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर ली होती तो दिल्ली में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती. उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि कितने लोग घायल हुए हैं और कितने लोगों की हालत गंभीर है. उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने की अपील की.
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की रखी मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी मांग प्रदर्शनकारियों की मांगों से अलग नहीं है. वह देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा आंदोलन हो रहा है और वह छात्रों के प्रतिनिधि के तौर पर उनके साथ खड़े हैं.
'सरकार जब तक संवाद नहीं करेगी, धरना जारी रहेगा'
धरना खत्म करने को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जब तक सरकार बातचीत कर छात्रों की मांगों का समाधान नहीं निकालती, तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे. उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कहा कि सिर्फ व्यक्ति बदलने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि शिक्षा नीति और व्यवस्था में सुधार जरूरी है.
'वीडियो देखकर खाना भी नहीं पचा'
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जब उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई कथित कार्रवाई के वीडियो देखे तो वह काफी दुखी हुए. उन्होंने कहा कि वह खाना खाकर आए थे, लेकिन वीडियो देखने के बाद खाना भी नहीं पचा.
उन्होंने कहा कि वह एक युवा, वकील और संसद सदस्य हैं और जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है, इसलिए वह युवाओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
अंबेडकर प्रतिमा के नीचे अकेले बैठे सांसद
मौके पर मौजूद पत्रकारों के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में अंबेडकर प्रतिमा के नीचे अकेले धरने पर बैठे हैं. उन्होंने किसी अन्य सांसद से मुलाकात नहीं की और खुद ही छात्रों के समर्थन में यह प्रदर्शन शुरू किया. उन्होंने साफ किया कि वह जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों की मांगों के साथ खड़े हैं और जब तक समाधान नहीं निकलता, उनकी आवाज उठाते रहेंगे.
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