दिल्ली में फिर फूटा छात्रों का गुस्सा! पुलिस कार्रवाई के बाद दोबारा जुटे प्रदर्शनकारी, महिलाओं ने सुनाई आपबीती

यूपी तक

• 02:43 PM • 21 Jul 2026

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शन फिर तेज हो गया है. छात्र-छात्राओं ने पुलिस पर बर्बरता और महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी के आरोप लगाए हैं.

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Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है. सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र, युवा और महिलाएं दोबारा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर डटे रहने का ऐलान किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है और वे समाधान होने तक आंदोलन जारी रखेंगे.

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'हम यहां से कहीं नहीं जाने वाले'

प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं ने मंच से और मीडिया के सामने कहा कि वे किसी भी दबाव में जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे. उनका कहना था कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और हक लेकर ही वापस जाएंगे. प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच नारेबाजी और तालियों की गूंज लगातार सुनाई देती रही.

महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन में शामिल कई छात्राओं ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए. वेस्ट दिल्ली से आई निशा ने कहा कि वह पिछले दिन के प्रदर्शन में शामिल नहीं थीं, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से छात्राओं के साथ हुई कथित बदसलूकी की खबरें देखीं, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया.

उन्होंने कहा कि कई लड़कियों और लड़कों को बुरी तरह पीटा गया और घायल छात्रों की तस्वीरें देखकर वह बेहद परेशान हुईं. उनके मुताबिक, कुछ घायलों की आंखों और चेहरे पर गंभीर सूजन और चोट के निशान थे.

'हम स्टूडेंट हैं, आतंकवादी नहीं'

एक अन्य प्रदर्शनकारी शिल्पा ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और उन पर पत्थरबाजी का आरोप गलत है. उन्होंने कहा, "हम स्टूडेंट हैं, आतंकवादी नहीं. अगर हम जवाब मांग रहे हैं तो हमें सुना जाना चाहिए, न कि हमारे खिलाफ बल प्रयोग होना चाहिए."

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. उनका दावा है कि परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसी समस्याओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है.

संसद मार्च और बैरिकेडिंग पर सवाल

उत्तर प्रदेश से आई कोमल ने बताया कि वह पिछले दिन सुबह से देर शाम तक प्रदर्शन में मौजूद थीं. उनके अनुसार, जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े तो रास्ते में कई जगह बैरिकेड लगाए गए, जिससे भीड़ अलग-अलग हिस्सों में बंट गई.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग किया. कोमल ने यह भी दावा किया कि कई छात्राओं के साथ कठोर व्यवहार किया गया.

'सरकार जवाब दे, शिक्षा व्यवस्था सुधारे'

प्रदर्शन में शामिल एक अन्य युवती सिमरन ने कहा कि अगर सरकार को अपनी शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा है तो उसे सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की वास्तविक स्थिति पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद युवाओं से बड़े सपने देखने को कहा जाता है. सिमरन ने कहा, "या तो शिक्षा व्यवस्था सुधार दीजिए, वरना जिम्मेदारी लेकर पद छोड़ दीजिए."

पुलिस पर घायल युवक की मदद न करने का आरोप

कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान एक युवक गिरकर घायल हो गया था, लेकिन उसे तुरंत मदद नहीं मिली. उनका दावा है कि पुलिस ने सहायता करने के बजाय उसके साथ सख्ती दिखाई. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

जंतर-मंतर पर आंदोलन फिर हुआ सक्रिय

जंतर-मंतर पर अब फिर से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे हैं. विशेष रूप से छात्राएं खुलकर अपनी बात रख रही हैं और पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर नाराजगी जता रही हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते रहेंगे. फिलहाल जंतर-मंतर पर माहौल एक बार फिर आंदोलनकारी ऊर्जा से भर गया है और यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि प्रदर्शन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा.