NEET Paper Leak Case: दिल्ली में NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब बड़े राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है. जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद यह मुद्दा पूरे विपक्ष के लिए केंद्र बिंदु बन गया है. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, चंद्रशेखर आजाद और प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं. प्रधानमंत्री आवास के पास धरने के दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया.
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इस बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों और युवाओं के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहा है, जबकि सरकार NEET मामले पर चर्चा और समाधान के लिए तैयार है. प्रधान ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर संसदीय प्रक्रिया के तहत चर्चा हो सकती है.
वहीं जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया है. विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश बताया और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी उठाई. इसके बाद उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए. अब यह मामला सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा, युवाओं के भविष्य और सरकार-विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बन चुका है. आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच संवाद और संसद में होने वाली चर्चा पर सबकी नजरें टिकी हैं.
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