NEET Paper Leak Case: NEET पेपर लीक मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र में जमकर हंगामा देखने को मिला. विपक्ष ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा और कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है. वहीं, सरकार ने साफ किया कि वह NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा संसदीय नियमों और प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए.
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विपक्ष ने कहा- यह युवाओं और छात्रों का मुद्दा है
संसद में विपक्षी नेताओं ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. विपक्ष की ओर से कहा गया कि यह मुद्दा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या बीजेपी का नहीं है, बल्कि देश के छात्रों और नौजवानों से जुड़ा हुआ है.
विपक्षी सांसदों ने मांग की कि सदन में इस गंभीर विषय पर चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी युवाओं के सामने जवाब देना चाहिए. विपक्ष का कहना था कि लाखों छात्रों ने मेहनत करके परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनके भरोसे को चोट पहुंचाई है.
सरकार बोली- NEET पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार
वहीं, सरकार की ओर से सदन में कहा गया कि वह NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले दिन से ही उसका रुख साफ है और युवाओं के भविष्य को देखते हुए सार्थक चर्चा होनी चाहिए.
सरकार की ओर से कहा गया कि चर्चा कब होगी, कितने समय तक होगी और किस नियम के तहत होगी, इसका फैसला लोकसभा अध्यक्ष को सभी दलों के फ्लोर लीडर्स से बातचीत के बाद करना चाहिए. सरकार ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर इस विषय पर सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए ताकि युवाओं के हित में सही निष्कर्ष निकाला जा सके.
अखिलेश यादव को बोलने का मौका देने को लेकर हंगामा
सदन की कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे. इस दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से लगातार आवाजें उठाई गईं और उन्हें बोलने का मौका देने की मांग की गई. विपक्षी सदस्यों ने कहा कि जब युवाओं और छात्रों से जुड़ा इतना बड़ा मुद्दा सदन में उठाया जा रहा है तो सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए.
विपक्ष की मांग- प्रधानमंत्री दें जवाब
प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि NEET पेपर लीक मामले पर सरकार जवाब दे. विपक्ष का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो प्रधानमंत्री या संबंधित मंत्री सदन में इस मामले पर विस्तृत जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं.
NEET विवाद पर सड़क से संसद तक प्रदर्शन
NEET पेपर लीक मामला अब सड़क से लेकर संसद तक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. देशभर में छात्र संगठन और विपक्षी दल इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अब सबकी नजर संसद में होने वाली आगे की चर्चा और सरकार-विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर होने वाली बहस पर है.
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