Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस एक्शन के बाद भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं. छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में उन्होंने अब आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है. चंद्रशेखर आजाद 20 जुलाई की रात 11 बजे से संसद भवन परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे हैं. बारिश, धूप और खराब मौसम के बावजूद उनका धरना जारी है. अब उन्होंने 25 जुलाई 2026 को बड़ा कार्यक्रम करने की घोषणा की है.
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25 जुलाई को देशभर में जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन
चंद्रशेखर आजाद ने ऐलान किया है कि 25 जुलाई को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर जाकर ज्ञापन सौंपेंगे. यह ज्ञापन NEET पेपर लीक मामले, जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और इसे आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने देशभर के संगठन पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से इस अभियान को बड़े स्तर पर चलाने की अपील की.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद
दरअसल, NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र पिछले करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी.
प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने छात्रों और महिलाओं के साथ बल प्रयोग किया. वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि उस दौरान हुए हंगामे में करीब 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
जौहर यूनिवर्सिटी मामले को भी आंदोलन से जोड़ा
चंद्रशेखर आजाद ने अपने आंदोलन में आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा भी शामिल किया है. उन्होंने कहा कि यह मामला भी शिक्षा से जुड़ा हुआ है और इसे ज्ञापन में शामिल किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है और सरकार छात्रों के मुद्दों पर बातचीत नहीं कर रही है.
सरकार पर साधा निशाना
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सरकार पिछले कई दिनों से छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग बड़ी संख्या में इस मुद्दे से जुड़ा है और अब आंदोलन को जिला स्तर तक पहुंचाया जाएगा.
25 जुलाई के ऐलान से बढ़ी सियासी हलचल
चंद्रशेखर आजाद के इस ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. अब नजर इस बात पर होगी कि 25 जुलाई को देशभर के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन अभियान किस तरह आगे बढ़ता है और इसका राजनीतिक असर कितना दिखाई देता है.
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