Jantar Mantar Protest: भारी बारिश के बीच संसद में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद, ये सब बोले...

यूपी तक

• 11:07 AM • 21 Jul 2026

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर हुए बवाल के बाद चंद्रशेखर आजाद ने संसद परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए न्याय और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.

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Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए हंगामे के बाद मामला और गरमा गया है. प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प, पथराव और पुलिस कार्रवाई को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है. जहां प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है, वहीं आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया है. चंद्रशेखर आजाद ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा.

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भारी बारिश के बीच संसद में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद

चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "जहां संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूं." उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन में शामिल युवाओं के साथ हुई कथित ज्यादती के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

बारिश के बीच छाता लेकर धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद युवा किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि पढ़ने वाले छात्र थे, जिनका सपना आईएएस, आईपीएस, वकील, जज और पत्रकार बनने का है.

'युवाओं के मन में लोकतंत्र की कैसी तस्वीर बनी?'

चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उससे उनके मन में लोकतंत्र की कैसी छवि बनेगी, यह चिंता का विषय है.

उन्होंने कहा कि एक जागरूक नागरिक और संसद सदस्य होने के नाते वह पूरी रात अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठे रहे, ताकि युवाओं की तकलीफ को महसूस कर सकें और उनके साथ खड़े रह सकें.

'जंतर-मंतर को जलियांवाला बाग बना दिया'

प्रदर्शन को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर अन्याय हुआ है और इसका जवाब देना होगा. उन्होंने कहा कि वह उन लोगों से बातचीत करेंगे जो प्रदर्शनकारियों की मांगों पर चर्चा करना चाहते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने युवाओं की मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में फैल सकता है.

'शिक्षा का आंदोलन है, किसी पार्टी का नहीं'

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक पार्टी या व्यक्ति का नहीं है, बल्कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर युवाओं की लड़ाई है.

उन्होंने कहा कि वह एक सरकारी स्कूल के हेड मास्टर के बेटे हैं और शिक्षा की अहमियत को समझते हैं. उन्होंने दावा किया कि शिक्षा के कारण ही वह संसद तक पहुंच पाए हैं और इसलिए शिक्षा से जुड़े मुद्दों की लड़ाई लड़ना जरूरी है.

अभिजीत ने भी किया आंदोलन जारी रखने का ऐलान

वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत ने भी साफ कर दिया है कि आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार को बातचीत करनी है तो अब उसे प्रदर्शन स्थल पर आना होगा.

अभिजीत ने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत के नाम पर समय बर्बाद किया और दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा.

पुलिस ने दर्ज किए मुकदमे, 118 से ज्यादा जवान घायल होने का दावा

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए पथराव और तोड़फोड़ को लेकर दो अलग-अलग थानों में मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, झड़प में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

पुलिस ने बताया कि घायलों में वरिष्ठ अधिकारी, डीसीपी स्तर के अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. पुलिस ने मौके से करीब 17 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है.

अब आगे क्या होगा?

जंतर-मंतर विवाद के बाद अब मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है. एक तरफ अभिजीत ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है, वहीं चंद्रशेखर आजाद ने संसद परिसर में धरना देकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन आगे और बड़ा रूप लेता है.