वांगचुक की पत्नी के ऐलान के बाद क्या करने वाली है CJP? विजेता दहिया ने बताई बड़ी रणनीति

यूपी तक

• 02:14 PM • 20 Jul 2026

CJP Protest: जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन और तेज हो गया है. संसद मार्च की तैयारी के बीच प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है.

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CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन कर रहे युवाओं का हौसला कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ा हुआ है. कॉकरोच जनता पार्टी के नेता और देश भर से आए युवा जंतर-मंतर से संसद तक मार्च कर रहे हैं. इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद विजेता दहिया ने सिस्टम पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार भले ही आंदोलन को दबाने की कोशिश करे, लेकिन युवाओं का जोश कम नहीं होगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक यह संघर्ष जारी रहेगा.

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संसद मार्च की बड़ी तैयारी

जंतर-मंतर पर करीब सुबह 4 बजे से ही प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी. इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता और अभिजीत दीपके अपने साथियों के साथ मौजूद हैं. युवाओं का साफ कहना है कि उनका अगला कदम यहां से संसद तक मार्च करना है. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने एंट्री पॉइंट से बैरिकेड्स हटा दिए हैं, जिससे असामाजिक तत्वों के घुसने का खतरा बढ़ गया है.

शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

आंदोलनकारियों ने देश की मौजूदा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है. विजेता दहिया ने कहा कि इस देश के सिस्टम की आत्मा मर चुकी है और यह पूरी तरह सड़-गल चुका है. उन्होंने सरकार के सामने बहुत ही सीधी और साफ मांग रखी है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत उनके पद से बाहर निकाला जाए और उनकी जगह किसी समझदार व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया जाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार युवाओं की जायज मांगें सुनने के बजाय पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल करके आंदोलन को दबाना चाहती है.

आंदोलन खत्म नहीं होगा आगे

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने मंच से कहा था कि अगर कोई राजनीतिक नेता अस्पताल में सोनम जी से मुलाकात करता है, तो वे अपनी भूख हड़ताल खत्म कर सकते हैं. इस पर बात करते हुए विजेता दहिया ने साफ किया कि राजनीतिक नेता पहले भी आंदोलन में आ रहे थे और अस्पताल में मुलाकात होने से यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को लग रहा था कि सोनम सर को जबरन उठाने से सब शांत हो जाएगा, लेकिन इससे युवाओं का जोश और बढ़ गया है. यह संघर्ष लगातार आगे भी जारी रहेगा.