Jantar Mantar Protest: रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार पर लाठीचार्ज का आरोप, कैमरा पर्सन भी बना निशाना...क्या हुआ?

यूपी तक

• 09:44 AM • 21 Jul 2026

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकार गौरव कुमार पांडे ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है. पत्रकार का दावा है कि रिपोर्टिंग करते समय उन पर और उनके कैमरा पर्सन पर हमला किया गया, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई.

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Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक पत्रकार ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है. पत्रकार का दावा है कि रिपोर्टिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने उन पर हमला किया, जिसमें उनके सिर और पीठ पर चोटें आईं. घटना के बाद पत्रकार के सिर से खून बहता हुआ दिखाई दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके कैमरा पर्सन को भी निशाना बनाया.

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रिपोर्टिंग के दौरान हुआ हमला

पत्रकार गौरव कुमार पांडे ने बताया कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहे थे. उनके मुताबिक, जब पुलिस और युवाओं के बीच तनाव बढ़ा तो वह रिपोर्टिंग करते हुए सीपी साइड की ओर चले गए. इसी दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कुछ युवाओं पर पुलिसकर्मियों द्वारा कार्रवाई किए जाने की घटना को कैमरे में रिकॉर्ड करने के लिए अपने कैमरा पर्सन को कहा.

पत्रकार के अनुसार, जैसे ही कैमरा उस घटना को कवर करने लगा, एक जवान की नजर उन पर पड़ी और वह उनकी तरफ बढ़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कैमरा पर्सन को लाठी मारी गई और उसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया.

'पहले पीछे मारा, फिर सिर पर लगी लाठी'

पत्रकार ने बताया कि जवान ने पहले उन्हें पीछे की तरफ लाठी मारी. जब उन्होंने इसका विरोध करते हुए पूछा कि उन्हें क्यों मारा जा रहा है, तो दोबारा लाठी चलाई गई. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनका माइक भी टूट गया और इसके बाद उनके सिर पर लाठी लगी.

उन्होंने कहा कि उन्हें कुल तीन बार लाठी मारी गई, जिसमें दो लाठियां सिर पर और एक पीठ पर लगी. घटना के बाद उनके सिर पर गंभीर चोट आई और कपड़ों पर खून के निशान भी दिखाई दिए.

पुलिस को मीडिया पहचान बताने का नहीं मिला मौका: पत्रकार

पत्रकार ने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह बताने की कोशिश की कि वह मीडिया से हैं, लेकिन तब तक उन पर पहला हमला हो चुका था. उन्होंने कहा कि उनके हाथ में मौजूद माइक आईडी देखकर भी यह स्पष्ट था कि वह पत्रकार हैं.

उन्होंने अपने कैमरा पर्सन पर भी हमले का आरोप लगाया और कहा कि कैमरे में घटना रिकॉर्ड न हो, इसलिए पहले कैमरा पर्सन को हटाने की कोशिश की गई.

'युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है'

घटना के बाद पत्रकार ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए किसी रंग की राजनीति नहीं होती और सभी रंग देश से जुड़े हैं. उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि जनता की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए.

जंतर-मंतर पर देर रात तक जारी रहा प्रदर्शन

घटना के बाद भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी मौजूद रहे. देर रात तक वहां बड़ी संख्या में युवा और पुलिस बल तैनात दिखाई दिए. प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए लाइट बंद होने की भी बात सामने आई.

मौके पर मौजूद पत्रकारों के अनुसार, पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर रखी थी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में जवान तैनात थे.

पत्रकार ने कहा- 'जिम्मेदारी से काम करता रहूंगा'

घटना के बाद पत्रकार ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे और इस घटना से उनका हौसला कम नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वह पहले की तरह अपनी पत्रकारिता जारी रखेंगे और सच्चाई दिखाने का काम करते रहेंगे. हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है.