UP News: अंशकालिक अनुदेशकों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा... ₹17000 मानदेय के साथ मिलेगा ₹5 लाख का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा

UP News: उत्तर प्रदेश के अंशकालिक अनुदेशकों को योगी सरकार की बड़ी राहत. तत्काल ₹17,000 मानदेय और ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा, पोर्टल तैयार.

यूपी तक

• 05:34 PM • 18 May 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश के हजारों अंशकालिक अनुदेशकों के लिए एक बड़ी और खुशियों भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के मंच से अनुदेशकों के हित में दो बड़े ऐलानों की घोषणा की. सरकार ने अनुदेशकों के कार्य की गरिमा और सम्मान को बढ़ाते हुए तत्काल प्रभाव से ₹17000 मानदेय देने और साथ ही ₹500000 का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने का फैसला किया है.

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सीएम योगी ने की अनुदेशकों के धैर्य की सराहना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह को संबोधित करते हुए अनुदेशकों के अनुशासित व्यवहार की जमकर तारीफ की. सीएम ने कहा कि अनुदेशकों ने अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने के लिए कभी भी किसी जबरदस्ती, दबाव या हिंसक रास्ते का सहारा नहीं लिया. उन्होंने पूरी शालीनता और धैर्य के साथ अपनी बात रखी, यही वजह है कि सरकार को आगे बढ़कर उनकी मदद करने और उनकी मांगों को पूरा करने में कोई हिचक नहीं हुई.

तैयार हुआ पोर्टल, जल्द मिलेगा हेल्थ कार्ड

सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अनुदेशकों के साथ-साथ उनके पूरे परिवार को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेगी. इस कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने अपना आधिकारिक पोर्टल पूरी तरह तैयार कर लिया है.

  • कैसे मिलेगा लाभ: अंशकालिक अनुदेशक जल्द ही इस पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) कर सकेंगे.
  • मिलेगा प्लेट कार्ड: रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही अनुदेशकों को एक 'प्लेट कार्ड' (हेल्थ कार्ड) जारी कर दिया जाएगा, जिसके जरिए वे मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकेंगे.

आर्थिक और सामाजिक स्तर में होगा बड़ा सुधार

लखनऊ में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से आए बड़ी संख्या में अंशकालिक अनुदेशक मौजूद थे. शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि सरकार के इस कदम से अनुदेशकों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा. इस कल्याणकारी पहल से अनुदेशकों के भीतर कार्य को लेकर सद्भावना, उत्साह और लगन बढ़ेगी, जिससे प्रदेश का बुनियादी शिक्षा क्षेत्र और अधिक मजबूत व आत्मनिर्भर बनेगा.