जिन तीन युवकों अरुण, अमन और सतीश पर 13 साल की लड़की के साथ रेप करने के आरोप लगे वे गैंगरेप और पॉस्को एक्ट में एक माह पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आते हैं. जिसके बाद अपने 2 अन्य साथियों के साथ गैंगरेप मुकदमे में सुलह का दबाव बनाते हैं. पीड़िता की मां जब इस बात का विरोध करती है तो लात घूंसों व डंडों के साथ उसकी पिटाई कर दी जाती है. लेकिन दबंगों का कहर यहीं नहीं रुकता. अपने अंदर की खुन्नस मिटाने के लिए छप्पर में आग तक लगा देते हैं जिसमें रेप पीड़िता का 7 माह का बेटा और उसकी मां की 3 माह की बेटी अंदर होता है. आग को देखकर चीख पुकार मचती है लकिन गैंगरेप पीड़िता की 3 माह की बहन और उसका 7 माह का बेटा झुलस जाता है. और पूरा छप्पर और सामान जलकर राख हो जाता है..
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT










