बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे इन दिनों लोकसभा में अपनी 'असंसदीय टिप्पणी' के कारण चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. पूर्वांचल में 'बाबा' के नाम से मशहूर सनातन पांडे का राजनीतिक सफर और उनका व्यवहार हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है. लोकसभा में सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने एक आपत्तिजनक शब्द (गाली) का इस्तेमाल कर दिया, जिसे बाद में कार्यवाही से हटा दिया गया.
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वे अपने जुझारु स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने चुनाव से पहले डीएम को धमकी दी थी कि अगर काउंटिंग में गड़बड़ी हुई तो या तो डीएम की लाश बाहर आएगी या उनकी. उन्होंने कई मौकों पर मंत्रियों को पटकने और अधिकारियों को जूते मारने जैसी बातें भी कही हैं.
राजनीतिक सफर: जेई से सांसद तक
राजनीति में आने से पहले सनातन पांडे विद्युत विभाग में जेई (Junior Engineer) थे. उन्होंने 1996 में अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था. 2007 में वे चिलकाहर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने. 2019 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद, 2024 में उन्होंने बीजेपी के नीरज शेखर (पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे) को हराकर बड़ी जीत दर्ज की.
जिद्दी और संघर्षपूर्ण व्यक्तित्व
उन्हें राजनीति में एक जिद्दी नेता माना जाता है. वे 5 बार चुनाव हारने के बाद विधायक बने और 2 बार हारने के बाद सांसद. उनका मानना है कि 2019 के चुनाव में उनके साथ बेईमानी हुई थी, जिसका बदला उन्होंने 2024 में जीत हासिल करके लिया.
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