पश्चिम बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर के रूप में तैनात यूपी के दबंग आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा का वायरल वीडियो अब सियासी अखाड़े का केंद्र बन गया है. इस वीडियो को साझा करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने न केवल आईपीएस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं बल्कि भविष्य में सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.
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क्या है पूरा विवाद?
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के घर छापेमारी के दौरान आईपीएस अजय पाल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे सख्त चेतावनी देते हुए सुनाई दे रहे थे. छापेमारी के दौरान वहां नियमों के विपरीत 14 पुलिसकर्मी तैनात पाए गए थे जिस पर अजय पाल शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया और स्थानीय एसपी से जवाब तलब किया.
अखिलेश यादव का हमला
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि भाजपा ने ऑब्जर्वर के नाम पर अपने एजेंट भेजे हैं. उन्होंने कहा, "ये अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं. हम इन्हें भागने नहीं देंगे, खोदकर लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए सजा पाएंगे." उन्होंने इस पूरे मामले को 'लोकतंत्र का अपराधी' करार देते हुए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की बात कही है.
कौन हैं अजय पाल शर्मा?
आईपीएस अजय पाल शर्मा 2011 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी हैं, जिनकी पहचान एक सख्त और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की है. वे मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं और डेंटिस्ट (बीडीएस) रह चुके हैं. नोएडा एसएसपी के रूप में अपनी कार्यशैली के लिए चर्चा में रहे अजय पाल शर्मा फिलहाल प्रयागराज में जॉइंट पुलिस कमिश्नर हैं और बंगाल चुनाव में पुलिस ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
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