गाजीपुर का निशा विश्वकर्मा हत्याकांड अब एक गंभीर राजनीतिक मुद्दा बन गया है. एक तरफ जहां मृतका के पिता ने हाथ जोड़कर किसी भी राजनीतिक दल से न मिलने की अपील की है. वहीं दूसरी तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके वीडियो को आधार बनाकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने आरोप लगाया है कि प्रशासन का दबाव बनाकर पीड़ित परिवार के बयान बदलवाए जा रहे हैं.
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क्या है पिता का बदलता स्टैंड?
हाल ही में निशा विश्वकर्मा के पिता सियाराम का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे यह कहते नजर आ रहे थे कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर पूरा भरोसा है और वे नहीं चाहते कि उनकी बेटी की मौत पर कोई भी राजनीतिक दल अपनी 'सियासी रोटियां' सेके. हालांकि, इससे पहले के एक वीडियो में उन्होंने स्थानीय प्रधान आशु सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे जिसमें प्रधान द्वारा उन पर पथराव कराने और उन्हें धमकाने की बात कही गई थी.
अखिलेश यादव का तीखा हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 'यूपी तक' के उसी पुराने वीडियो को शेयर किया है जिसमें पीड़ित पिता प्रधान पर आरोप लगा रहे हैं. इस वीडियो को पोस्ट करते हुए अखिलेश ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि, "उत्तर प्रदेश ने इतना कमजोर मुख्यमंत्री कभी नहीं देखा जो गरीब पीड़ितों पर दबाव डालकर बयान बदलवाते हैं." उन्होंने एफआईआर में देरी और पुलिस पर पथराव करने वाले 'वर्चस्ववादियों' के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए हैं.
गांव में तनाव
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत के बाद से ही गाजीपुर का कटरिया गांव तनावपूर्ण स्थिति में है. सपा का प्रतिनिधिमंडल जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, तो भारी भीड़ के कारण ग्रामीणों और समर्थकों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसमें एसओ सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस ने इस मामले में करीब 40 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
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