आज उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी सबसे बड़ी पासिंग आउट परेड आयोजित की जिसमें 60244 नए सिपाहियों को शामिल किया गया. ये सभी अभ्यर्थी दो महीनों से अधिक समय तक प्रशिक्षण ले रहे थे और अब वे पूरी तरह से पुलिस सेवा के लिए तैयार हैं. इस भर्ती अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी 12 फीसदी से अधिक रही, जो एक नया कीर्तिमान है.
ADVERTISEMENT
इस बार की ट्रेनिंग नौ महीने लंबी और अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित थी. इसमें एआई, साइबर क्राइम, केमिकल वार और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसे विषय शामिल थे, जिससे सिपाही पीड़ितों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूती से संभाल सकेंगे.सशस्त्र प्रशिक्षण भी आधुनिक हथियारों जैसे AK-47 से कराया गया. उत्तर प्रदेश में पहले प्रशिक्षण केंद्रों की सीमित क्षमता के कारण बहार से अन्य बलों का सहारा लिया जाता था. लेकिन अब 7000 से अधिक सिपाही की ट्रेनिंग खुद के सेंटर में ही दी गई है. इससे पुलिस की पूरी व्यवस्था में सुधार हुआ है.
उत्तर प्रदेश सरकार के इस अभियान के तहत नियुक्ति पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय के सहयोग से देश के गृह मंत्री ने लखनऊ में दिए थे. अब ये प्रशिक्षित सिपाही प्रदेश में विभिन्न जिलों में अपनी ड्यूटी पर तैनात होंगे, जिससे कानून व्यवस्था और पुलिस की प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा. हाल ही में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को 45 मिनट से घटाकर 10 मिनट से नीचे लाया गया है जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से सहायता मिल सकेगी. इस प्रकार, यूपी पुलिस की ताकत में भारी इजाफा हुआ है जिससे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी और सामाजिक शांति बनी रहेगी.
ADVERTISEMENT









