गाजीपुर के कटरिया गांव में हाल ही में हुई हिंसा और पत्थरबाजी ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है. पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एक प्रतिनिधिमंडल के दौरान भड़की इस हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं. प्रशासन अब इस मामले की तह तक जाने के लिए साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कर रहा है.
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45 मिनट तक चला तांडव, साजिश की आशंका!
- कटरिया गांव में हुई पत्थरबाजी मामूली झड़प नहीं थी, बल्कि यह करीब 45 मिनट तक लगातार चलती रही. पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अनुसार:
- सुनियोजित हमला: शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि हिंसा की साजिश पहले से रची गई थी. हमलावर बड़ी संख्या में पत्थर लेकर आए थे.
- भारी फोर्स तैनात: स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस ने कई दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी है.
'राजनीतिक द्वेष' बना हिंसा की वजह
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई जातीय या धार्मिक संघर्ष नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार:
- सियासी रंजिश: यह पूरी घटना राजनीतिक और सामाजिक द्वेष का परिणाम है. आरोप है कि प्रतिनिधिमंडल के साथ आए कुछ बाहरी तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.
- गंभीर रूप से घायल: इस हिंसा में सूरज सिंह नामक युवक समेत कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
अफवाहों पर लगाम और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक और गलत खबरें वायरल हुईं, जिनका पुलिस ने खंडन किया है. प्रशासन ने साफ किया है कि:
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