उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए 'ई-पेंशन पोर्टल' (e-Pension Portal) की शुरुआत की है. अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी ही पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पेपरलेस और कैशलेस बनाकर बुजुर्गों के लिए पेंशन की राह आसान कर दी है.
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घर बैठे ट्रैक होगी पेंशन- अब दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति
अक्सर रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को पेंशन शुरू कराने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई और भाग-दौड़ करनी पड़ती थी. ई-पेंशन पोर्टल इस समस्या का स्थाई समाधान है.
- संपर्क रहित सेवा: अब पेंशन से जुड़ी सभी जानकारियां घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए प्राप्त की जा सकती हैं.
- पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है.
- पोर्टल पर कैसे करें इस्तेमाल?
कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. पंजीकरण के लिए एम्प्लॉयी कोड, मोबाइल नंबर और कुछ बुनियादी जानकारियों की आवश्यकता होती है. रजिस्ट्रेशन के बाद मिलने वाली यूनिक लॉगिन आईडी की मदद से कर्मचारी अपनी पेंशन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे.
11 लाख से ज्यादा बुजुर्गों को मिलेगा सीधा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से प्रदेश के लगभग 11.5 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा पहुंचेगा. अधिकारियों द्वारा इस पोर्टल की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी बुजुर्ग की पेंशन में कोई देरी न हो.
अगर आपके घर या आसपास भी कोई रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी है, तो उन्हें इस डिजिटल सेवा की जानकारी जरूर दें ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी मेहनत की कमाई का लाभ पा सकें.
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