'टॉपर फैक्ट्री' बना बाराबंकी का यह स्कूल, प्रिंसिपल ने बताया लगातार 20 साल से टॉपर्स देने का सीक्रेट

बाराबंकी की श्रेया वर्मा ने यूपी बोर्ड 12वीं में दूसरी रैंक हासिल की है. फिजिक्स में 100 अंक पाने वाली श्रेया की मेहनत और उनके स्कूल के 'टॉपर रिकॉर्ड' की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

यूपी तक

• 04:27 PM • 24 Apr 2026

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के 2026 के परीक्षा परिणामों में बाराबंकी जिले ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. जिले के एक ही स्कूल से तीन टॉपर्स निकलकर सामने आए हैं, जिनमें प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल करने वाली श्रेया वर्मा की सफलता सबसे अधिक चर्चा में है.

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फिजिक्स में 100/100: श्रेया वर्मा का कमाल

इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश भर में दूसरा स्थान पाने वाली श्रेया वर्मा ने विज्ञान विषयों में अद्भुत प्रदर्शन किया है.

  • विषयवार अंक: श्रेया ने फिजिक्स में पूरे 100 अंक प्राप्त किए हैं, वहीं गणित में भी वे पूर्ण अंक हासिल करने से महज एक नंबर से चूक गईं.
  • भविष्य का लक्ष्य: श्रेया अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और परिवार के अटूट सहयोग को देती हैं. उनका सपना भविष्य में एक सफल इंजीनियर बनकर देश की प्रगति में योगदान देना है.
  • कैसे बनी बाराबंकी 'टॉपर फैक्ट्री'?

बाराबंकी के इस स्कूल के प्रिंसिपल राम किशोर शुक्ला ने बताया कि उनका विद्यालय पिछले 15-20 वर्षों से लगातार प्रदेश को टॉपर्स दे रहा है. उन्होंने सफलता के कुछ मुख्य सूत्र बताए:

  • नियमितता और अनुशासन: बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता और लिखावट (Handwriting) जैसी छोटी-छोटी बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
  • अभिभावकों का जुड़ाव: शिक्षकों और माता-पिता के बीच बेहतर तालमेल ही बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार का असर

पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक हलचलों और चुनावों के बीच पढ़ाई की निरंतरता पर असर पड़ा था, लेकिन अब विभाग का पूरा फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है. शिक्षकों और विद्यार्थियों की संयुक्त मेहनत का ही परिणाम है कि बाराबंकी जैसे जिले आज शिक्षा के केंद्र बनकर उभरे हैं. मेधावी छात्रों ने बेहतर और मजबूत शिक्षा व्यवस्था की कामना करते हुए देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है.