उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुआ इलाके में सोमवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई. प्लास्टिक, पॉलीथीन और कबाड़ के ढेर के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में न केवल गरीबों की छत छिन गई, बल्कि पास स्थित गोदाम और फैक्ट्री को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
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70 झुग्गियां राख, करोड़ों का माल स्वाहा
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बस्ती में रहने वाले लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. लगभग 70 झुग्गियां जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं. झुग्गियों से शुरू हुई यह आग पास ही स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम और जीन्स सिलाई फैक्ट्री तक फैल गई. प्राथमिक अनुमान के मुताबिक, इस अग्निकांड में एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और कच्चा माल जलकर नष्ट हो गया है.
सिलेंडर फटने की आशंका, घंटों चली मशक्कत
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की शुरुआत एक झुग्गी में सिलेंडर फटने से हुई हो सकती है, जिसके बाद चिंगारी ने पूरी बस्ती को घेर लिया. सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचे. घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. गनीमत यह रही कि इस भयावह हादसे में किसी जनहानि या किसी के घायल होने की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है.
मजदूर परिवारों की जमा-पूंजी और सपने हुए राख
यह हादसा उन गरीब परिवारों के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं है, जो दिन-रात मेहनत कर अपना गुजारा कर रहे थे. आग में लोगों के घर, कपड़े, राशन और जीवन भर की जमा-पूंजी जलकर राख हो गई. कई परिवारों के सामने अब सिर छुपाने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. बच्चों की खुशियां और बुजुर्गों की उम्मीदें इस धुएं में विलीन हो गईं.
प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंची हैं. नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और राहत सामग्री पहुंचाई जा सके. इस घटना ने एक बार फिर घनी बस्तियों में अग्निशमन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है.
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