पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के समर में उत्तर प्रदेश के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' कहे जाने वाले IPS अजय पाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच ठन गई है. फलता विधानसभा क्षेत्र में अजय पाल शर्मा की मौजूदगी ने सियासी पारा इस कदर बढ़ा दिया है कि अब सड़कों पर सीधे टकराव की स्थिति पैदा हो गई है.
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धमकाने की शिकायत पर पहुंचे IPS, हुआ जोरदार घेराव
ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब स्थानीय लोगों ने टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान पर डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगाए. चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर के नाते जब अजय पाल शर्मा इन शिकायतों की जांच करने मौके पर पहुंचे, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई. टीएमसी समर्थकों ने पुलिस की गाड़ियों को घेर लिया और अजय पाल शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
नियमों का उल्लंघन और सख्त 'नोटिस'
जांच के दौरान अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान की सुरक्षा में नियमों के विरुद्ध तैनात अतिरिक्त फोर्स पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित अधिकारियों को तत्काल सख्त नोटिस थमा दिया. उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की 'दबंगई' या गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
कौन हैं अजय पाल शर्मा?
यूपी कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अजय पाल शर्मा की पहचान एक बेहद सख्त अधिकारी की है. डेंटिस्ट से पुलिस अफसर बने अजय पाल ने नोएडा के एसएसपी रहते हुए अपराधियों की कमर तोड़ दी थी. योगी सरकार के दौरान उनके नेतृत्व में हुए सफल एनकाउंटर्स ने उन्हें 'दबंग' पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित किया. फिलहाल वे प्रयागराज में जॉइंट पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात हैं और बंगाल चुनाव में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
जुबानी जंग से सड़कों तक पहुंचा विवाद
बता दें कि जहांगीर खान पहले ही अजय पाल शर्मा को 'पिक्चर अभी बाकी है' जैसी फिल्मी धमकियां दे चुके हैं. वहीं, अजय पाल शर्मा की 'सिंघम' कार्यशैली ने टीएमसी खेमे में खलबली मचा दी है. यह टकराव सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जहां एक तरफ पुलिस का इकबाल बुलंद दिख रहा है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक विरोध की लहर है.
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