उत्तर प्रदेश की राजनीति में देवरिया जिले की सलेमपुर विधानसभा सीट काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. वर्तमान में यहां से विजय लक्ष्मी गौतम विधायक हैं, जो योगी सरकार में राज्य मंत्री भी हैं. इस सीट पर अब तक कांग्रेस 5 बार, बीजेपी और बीएसपी 3-3 बार, जबकि सपा 2 बार जीत दर्ज कर चुकी है.
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विजय लक्ष्मी गौतम का सफर दिलचस्प रहा है. 2017 में उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2022 में वे बीजेपी में शामिल हो गईं और जीत हासिल कर मंत्री बनीं. 2022 के चुनाव में बीजेपी की विजय लक्ष्मी गौतम और सपा गठबंधन के मनबोध प्रसाद के बीच कड़ा मुकाबला था.
जातीय समीकरण (अनुमानित आंकड़े)
सलेमपुर एक सुरक्षित (SC) सीट है और यहां का जातीय समीकरण जीत-हार तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है:
- कुल वोटर: लगभग 3,25,000
- दलित: 60,000
- यादव: 54,000
- ब्राह्मण: 45,000
- मुस्लिम: 29,000
- वैश्य: 28,000
- कुशवाहा: 24,000
- क्षत्रिय: 22,000
2027 की चुनौतियां और जनता के मुद्दे
इस क्षेत्र में सड़कों की खराब हालत और बस स्टैंड न होने जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर जनता में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों को उम्मीद थी कि विधायक के मंत्री बनने से क्षेत्र का अधिक विकास होगा, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि उन्हें वह लाभ नहीं मिला. स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, यूजीसी से जुड़ा मुद्दा भी इस बार चुनावों में असर डाल सकता है.
सपा बनाम बीजेपी की जंग
सपा नेताओं का दावा है कि इस बार भ्रष्टाचार और विकास की कमी के कारण जनता बीजेपी को नकारेगी और सपा रिकॉर्ड मतों से जीतेगी. दूसरी ओर, विजय लक्ष्मी गौतम का कहना है कि सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं और 'गुंडा मुक्त उत्तर प्रदेश' के नाम पर जनता एक बार फिर बीजेपी को ही चुनेगी.
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