Stand Up India Scheme: स्टैंड अप इंडिया योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसकी शुरुआत 5 अप्रैल 2016 को की गई थी. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, खासकर महिलाओं और अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को ₹10 लाख तक का बैंक लोन दिया जाता है ताकि वे नया कारोबार शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.
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इस योजना की अवधि 7 साल की होती है, जिसमें 18 महीने का मोरेटोरियम पीरियड भी शामिल रहता है. इसका मतलब है कि शुरुआत में कुछ समय तक लोन की किस्त चुकाने का दबाव नहीं होता, जिससे उद्यमी अपने व्यवसाय को स्थापित कर सके. इसकी खास बात यह है कि इस योजना के तहत लोन लेने के लिए किसी गारंटी या गिरवी की जरूरत नहीं होती. आवेदन करने वाले व्यक्ति की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए और वह किसी भी बैंक या एनबीएफसी का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए.
स्टैंड अप इंडिया योजना का लाभ केवल नए व्यवसाय यानी ग्रीन फील्ड एंटरप्राइज शुरू करने के लिए दिया जाता है. हालांकि यह योजना मुख्य रूप से महिलाओं और एससी/एसटी वर्ग के लिए बनाई गई है लेकिन अन्य लोग भी इसका लाभ ले सकते हैं, अगर उनके व्यवसाय में एससी या एसटी वर्ग के व्यक्ति की कम से कम 51% हिस्सेदारी हो. इच्छुक लोग इस योजना के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं. इस योजना का उद्देश्य खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के उद्यमियों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.
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