सीएम योगी ने 1995 में प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री मायावती के साथ हुए स्टेट गेस्ट हाउस कांड को याद किया. इस घटना में स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने अपनी जान पर खेलकर समाजवादी पार्टी के गुंडों से उनके संरक्षण में खड़ा होकर संघर्ष किया था. सीएम योगी ने भाजपा के समर्थन से मायावती के सम्मान की बात कही और समाजवादी पार्टी पर उनके आचरण को लेकर सवाल उठाए.
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सीएम ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद भाजपा सरकार विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर हमलावर है. उन्होंने बताया कि तब की सरकार की जिम्मेदारी थी कि वे मायावती की सुरक्षा करें लेकिन समाजवादी पार्टी के असल चरित्र ने उनके साथ अन्याय किया.
भाजपा ने दलित नेता मायावती को आगे बढ़ाने के लिए साथ दिया जबकि समाजवादी पार्टी की स्थिति और व्यवहार विवादित रहा. ये विमर्श महिला सम्मान और राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण है.
इस मामले में सीएम ने भाजपा की सहृदयता और सपा के गुंडागर्दी पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा की बात करते हुए पुरानी घटनाओं को नहीं भुलाना चाहिए.
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