उत्तर प्रदेश इस समय भीषण 'हीटवेव' की चपेट में है. पिछले एक सप्ताह से सूरज के तेवर इतने तल्ख हैं कि प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है. झुलसाने वाली गर्मी और गर्म हवाओं (लू) ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. सबसे बुरा हाल बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र का है, जहाँ पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है.
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इन जिलों में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बांदा, झांसी, आगरा, प्रयागराज और हमीरपुर प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं. बुंदेलखंड का इलाका इस समय 'तंदूर' की तरह तप रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि रातों में भी राहत नहीं मिल रही है; न्यूनतम तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे रातें भी काफी बेचैन करने वाली हो रही हैं.
क्या कहती है मौसम विभाग की भविष्यवाणी?
मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के कई हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है.
- आज की स्थिति: 29 अप्रैल को कुछ चुनिंदा इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है.
- आंधी का खतरा: तेज गर्मी के बीच अचानक धूल भरी आंधी और तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है.
- बारिश का इंतजार: फिलहाल राहत की कोई बड़ी खबर नहीं है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 4 मई तक बारिश की संभावना बेहद कम है, जिससे गर्मी का यह कहर अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है.
- आम जनजीवन पर असर
भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है. बिजली की बढ़ती मांग और अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है. डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें.
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