बृजभूषण शरण सिंह के भाजपा छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबरें चर्चा में हैं. लेकिन यह फैसला उनके लिए आसान नहीं है. राजनीतिक दबाव और पारिवारिक महत्वाकांक्षाएं इस स्थिति को जटिल बना रही हैं. उनके दोनों बेटे भाजपा के विधायक और सांसद हैं, और बेटी भी राजनीति में सक्रिय हैं.
ADVERTISEMENT
बृजभूषण शरण सिंह लगातार अखिलेश यादव की तारीफ कर रहे हैं और समाजवादी पार्टी की ओर झुकाव दिखा रहे हैं. लेकिन उन्होंने अभी तक साफ तौर पर पार्टी परिवर्तन की पुष्टि नहीं की है. उनकी भाजपा से नाराजगी उनके कुछ विगत बयानों से स्पष्ट होती है. भाजपा से नाराजगी के पीछे उनके खिलाफ लगे आरोप और टिकट कटने की स्थिति मुख्य कारण मानी जा रही है. इसके बावजूद वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए सदन में वापसी के लिए प्रयासरत हैं.
सोच यह भी है कि वे या तो 2027 के चुनाव में खुद चुनाव लड़ेंगे या फिर 2029 में कोई अहम भूमिका निभाएंगे. सपा में जाने के पीछे एक व्यक्तिगत रिश्ते के अलावा बड़ी राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है.
हालांकि सपा में शामिल होना भी उनके लिए सरल नहीं है क्योंकि समाजवादी पार्टी के बीच भी कुछ चुनौतियां हैं. यह सारी परिस्थितियां एक राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा करती हैं जो आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकती हैं.
ADVERTISEMENT









