महाकुंभ से चर्चा में आई मोनालिसा और उनके पति फरमान की शादी इन दिनों उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. 'आज का यूपी' के इस बुलेटिन में मोनालिसा-फरमान विवाद और अंसारी परिवार को मिली कानूनी राहत की विस्तृत जानकारी दी गई है. मोनालिसा के पति फरमान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के पलड़ा गांव के रहने वाले हैं. वे एक मुस्लिम जाट परिवार से ताल्लुक रखते हैं.
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फरमान पिछले 13 साल से दिल्ली और मुंबई में एक्टिंग कर रहे हैं. मोनालिसा और फरमान की मुलाकात फिल्मों के सिलसिले में हुई और पिछले डेढ़-दो साल से वे एक-दूसरे के संपर्क में थे. इस जोड़े ने केरल के एक मंदिर में शादी की. उन्होंने केरल को इसलिए चुना क्योंकि उनका मानना है कि वहां धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होता. फरमान के पिता इस शादी से नाराज हैं और इसे "पीढ़ियों के रिश्ते" के खिलाफ बता रहे हैं. वहीं, मोनालिसा के परिवार के बारे में भी खबरें हैं कि वे इस रिश्ते के खिलाफ हैं.
लव जिहाद के आरोप: मोनालिसा को फिल्मों में लाने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इसे 'लव जिहाद' करार दिया है. हालाँकि, मोनालिसा और फरमान ने साफ किया है कि यह एक इंटर-रिलीजियस मैरिज है और दोनों ने अपना धर्म नहीं बदला है.
उधर अंसारी परिवार को मिली बड़ी राहत
मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सरकार द्वारा कुर्क की गई मोहम्मदाबाद स्थित उनकी 23 दुकानें अब मुक्त करने का आदेश दिया गया है. गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी ने पहले ही कहा था कि वे अपनी एक-एक इंच जमीन कानून के रास्ते से वापस लेंगे. उन्होंने सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. अंसारी परिवार की कई अन्य संपत्तियां अभी भी लखनऊ और अन्य जगहों पर शत्रु संपत्ति या निष्क्रांत संपत्ति के रूप में जब्त हैं, जिन पर कानूनी लड़ाई जारी है.
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