उत्तर प्रदेश के इटावा में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण शादियों वाले घरों में खुशियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इटावा में एक ऐसे ही परिवार का हाल पता चला है जहां अगले दिन बेटी की शादी है, लेकिन गैस न होने से चूल्हे ठंडे पड़े हैं. एक परिवार में आज हल्दी-मेहंदी की रस्म है और कल बारात आनी है. करीब 1000 से 1200 लोगों के खाने का इंतजाम होना है. गैस की किल्लत के कारण मैरिज होम में हलवाई और कारीगर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. आधा काम जो अब तक पूरा हो जाना चाहिए था, वह अभी शुरू भी नहीं हो पाया है.
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हलवाइयों का कहना है कि मिठाई बनाने का 50% काम आज पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन गैस न होने से दूध तक नहीं औटाया जा सका है. मैरिज होम के संचालक और परिवार ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर तो बिल्कुल ही बंद हैं और ब्लैक में भी नहीं मिल रहे हैं. लकड़ी का चूल्हा जलाना एक विकल्प हो सकता है, लेकिन हलवाइयों का कहना है कि लकड़ी पर 50 तरह के पकवान बनाना बहुत मुश्किल है और गैस वाली भट्टियों के लिए गैस ही चाहिए.
परिवार केवल आश्वासन के भरोसे बैठा है और चिंता में डूबा है कि बिना गैस के इतने मेहमानों का खाना कैसे बनेगा.
परिवार के सदस्यों ने चर्चा सुनी है कि युद्ध की स्थिति (संभवतः रूस-यूक्रेन या वैश्विक तनाव की ओर संकेत) के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है और किल्लत बनी हुई है.
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