डकैती से बदली किस्मत, मेहनत से बना बड़ा ब्रांड: ऐस्शप्रा ग्रुप के चेयरमैन अतुल सराफ ने बताया कि कैसे बनाई पहचान

Gorakhpur News: गोरखपुर में एक छोटे से 100 स्क्वेयर फीट की दुकान से शुरू हुआ कारोबार आज 10,000 स्क्वेयर फीट के बड़े शोरूम और रियल एस्टेट परियोजनाओं तक पहुंच चुका है. जीएसटी, बेहतर कानून व्यवस्था और लगातार मेहनत ने इस व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

यूपी तक

• 02:59 PM • 01 Apr 2026

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Gorakhpur News: गोरखपुर में व्यापार के क्षेत्र में एक नई सोच और बदलाव देखने को मिल रहा है. कभी छोटी सी दुकान से शुरू हुआ कारोबार आज बड़े शोरूम और नई परियोजनाओं तक पहुंच चुका है. यह कहानी केवल व्यापार के विस्तार की नहीं, बल्कि संघर्ष, ईमानदारी और बदलती परिस्थितियों को अवसर में बदलने की मिसाल भी है.

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डकैती की घटना बनी कारोबार के विस्तार की वजह

व्यापार की शुरुआत एक छोटी सी, लगभग 100 स्क्वेयर फीट की दुकान से हुई थी. लेकिन एक समय ऐसी घटना घटी जिसने व्यापार को नया मोड़ दे दिया.  डकैती की घटना ने व्यापारियों को अपने कारोबार को नए तरीके से सोचने और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. समय के साथ लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह छोटा कारोबार बढ़ते-बढ़ते लगभग 10,000 स्क्वेयर फीट के बड़े शोरूम में बदल गया. यह बदलाव केवल जगह के विस्तार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापार की सोच और कार्यशैली में भी बड़ा परिवर्तन आया. आज एस्प्रा ब्रांड ने उत्तर भारत में अपनी मजबूत पहचान बना ली है और दक्षिण भारत के बड़े ब्रांड्स के बीच भी खास स्थान हासिल किया है.

जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ी पारदर्शिता

व्यापार के क्षेत्र में जीएसटी लागू होने के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला. इस नई व्यवस्था से व्यापार में पारदर्शिता बढ़ी और लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिली. व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी के आने से कारोबार को व्यवस्थित करने में आसानी हुई और इसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिला. इससे व्यापार के प्रति भरोसा भी बढ़ा और कारोबारी माहौल बेहतर हुआ. 

बेहतर कानून व्यवस्था से बदली गोरखपुर की पहचान

पहले गोरखपुर की पहचान अक्सर अपराध की घटनाओं से जोड़ी जाती थी लेकिन अब शहर की छवि तेजी से बदल रही है. स्वच्छता, बेहतर प्रशासन और मजबूत कानून व्यवस्था ने व्यापार के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है. व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों और कानून व्यवस्था में सुधार के कारण अब व्यापार करना पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और आसान हो गया है. यही वजह है कि प्रदेश को अब व्यापार के लिए उपजाऊ भूमि माना जा रहा है.

1940 में हुई थी एस्प्रा ग्रुप की शुरुआत

एस्प्रा ग्रुप की नींव वर्ष 1940 में रखी गई थी. उस समय एक छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया. इस लंबे सफर में विश्वास, ईमानदारी और नैतिकता को सबसे बड़ी ताकत माना गया. हमेशा गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि को प्राथमिकता देने की वजह से यह ब्रांड आज उत्तर भारत में हॉलमार्क ज्वेलरी और डायमंड के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है.

रियल एस्टेट में भी बढ़ाया कदम, शुरू की टाउनशिप परियोजना

समय के साथ व्यापार को केवल ज्वेलरी तक सीमित न रखते हुए रियल एस्टेट क्षेत्र में भी विस्तार किया गया. गोरखपुर की बढ़ती आबादी और विकास को देखते हुए एक पूरी तरह से कानूनी और नैतिक मानकों पर आधारित टाउनशिप परियोजना शुरू की गई है. इस परियोजना का उद्देश्य ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता के उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराना है. इससे गोरखपुर को एक व्यवस्थित और विकसित शहर के रूप में आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है.

सरकारी योजनाओं से युवाओं को मिल रहे नए अवसर

सरकार की विभिन्न योजनाओं और सहयोग से व्यापारियों के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं. इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुल रहे हैं. स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं को सही योजना और मार्गदर्शन मिलने पर सफलता हासिल करने के अच्छे अवसर मिल सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर में बदलने की सोच ही सफलता की असली कुंजी है.

युवाओं के लिए संदेश

व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि सफलता की कोई आसान या सीधी राह नहीं होती. असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का सही रास्ता है. हर युवा को प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए.  स्थानीय स्तर पर उद्यम और रोजगार को बढ़ावा देकर ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है.

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