Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को लेकर मचे बवाल के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. राम मंदिर परिसर में हाल ही में शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम को आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में चंपत राय बेधड़क अंदाज में मंच से भाषण देते नजर आए हैं. उनके इस आत्मविश्वास और कार्यक्रम की अगुवाई करने को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़े सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
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मंच पर माइक थामे चंपत राय
चंपत राय हाल ही में जन्मभूमि मंदिर परिसर के शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस मौके पर अयोध्या के 11 पूज्य संतों ने विधि विधान से ध्वज पूजन किया था और इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए करीब 4000 राम भक्त भी पहुंचे थे. इसी कार्यक्रम में चंपत राय ने हाथ में माइक लेकर बेधड़क अंदाज में संतों और भक्तों को संबोधित किया था. हैरानी की बात यह है कि जब चंपत राय मंच से राम मंदिर को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कह रहे थे, ठीक उसी समय दूसरी तरफ एसआईटी अपनी रिपोर्ट शासन के सामने पेश कर रही थी.
एसआईटी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच के बाद अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में कई बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और निगरानी कमेटी की भारी लापरवाही का जिक्र किया गया है. इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध पाया गया है. मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति में भी बड़ी गड़बड़ी की बात सामने आई है.
ड्राइवर टिन्नू यादव पर गंभीर आरोप
इस पूरे विवाद की शुरुआत 7 जून को अखिलेश यादव के एक पोस्ट से हुई थी, जिसमें चढ़ावा चोरी का आरोप लगाया गया था. इसके बाद लगातार खुलासे हुए कि सिर्फ पैसों की ही नहीं, बल्कि करोड़ों की चांदी की शिलाएं, भगवान राम के हार, चरण पादुकाएं और चांदी के काग भुसुंडी तक गायब हो गए हैं. इन सबके बीच चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम तेजी से सामने आया था. आरोप है कि टिन्नू ने कुछ ही सालों में करोड़ों की संपत्ति बना ली है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सब चंपत राय के इशारे पर हुआ था. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अपने अयोध्या दौरे के दौरान ट्रस्ट के इन चेहरों से दूरी बना ली थी और एसआईटी जांच के आदेश दिए थे.
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