लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतों के बाद कानपुर की कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का डंडा...22 संस्थान हुए बंद!

Kanpur Coaching Action: लखनऊ के दर्दनाक कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश भर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है. कानपुर में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कई कोचिंग सेंटरों को बंद किया गया, जिससे छात्रों के बीच चिंता और नाराजगी बढ़ गई है.

यूपी तक

• 09:42 AM • 24 Jun 2026

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Kanpur Coaching Action: लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है. इसी क्रम में कानपुर की कोचिंग मंडियों में भी बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया, जहां सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले करीब 22 कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की गई. इनमें से कई संस्थान ऐसे थे, जहां दूर-दराज के जिलों से आए छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे. अचानक हुई इस कार्रवाई से छात्रों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है.

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कोचिंग संस्थानों के बंद होने के बाद छात्रों ने अपनी परेशानियां खुलकर सामने रखीं. उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही फीस जमा कर दी थी और कई परीक्षाओं की तैयारी अंतिम चरण में थी. छात्रों का मानना है कि जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन हुआ है, उन पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए सभी कोचिंग केंद्रों को एक साथ बंद करना उचित नहीं है. कई छात्रों ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमों ने उन्हें कक्षाओं से बाहर निकलने के लिए कहा और अचानक संस्थान बंद कर दिए गए. इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है और उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है.

प्रशासन का कहना है कि छह महीने पहले भी कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया था और कमियों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे. इसके बावजूद कुछ कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित होते रहे और फायर सेफ्टी से जुड़े जरूरी मानकों का पालन नहीं किया गया. अधिकारियों के अनुसार यह गंभीर लापरवाही थी, जिसने सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा किया. वहीं छात्र और अभिभावक चाहते हैं कि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए, लेकिन साथ ही पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए भी उचित व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अब उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि छात्रों की जिंदगी और उनका भविष्य दोनों सुरक्षित रह सकें.