Kanpur Coaching Sealing: लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है. इसी कड़ी में कानपुर में केडीए और प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू की, जिसके सिर्फ दो दिनों के भीतर 32 से ज्यादा कोचिंग सेंटर सील कर दिए गए. इनमें ALLEN करियर इंस्टिट्यूट की एक शाखा भी शामिल रही. सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों में कक्षाएं चल रही थीं, जिन्हें बीच में ही बंद कर छात्रों को घर भेजना पड़ा. इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा है, क्योंकि अचानक क्लासेस रुकने से उनकी तैयारी और शेड्यूल दोनों प्रभावित हुए हैं. यह पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि आग हादसों के बाद प्रशासन सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हुआ है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि ऐसी जांच और निगरानी पहले से होती, तो शायद इतनी बड़ी कार्रवाई के बीच छात्रों की पढ़ाई बाधित न होती.
ADVERTISEMENT
इस बीच ALLEN करियर इंस्टिट्यूट के प्रबंधक अभिषेक पोरवाल ने स्पष्ट किया है कि संस्थान अपनी सभी बिल्डिंग्स को निर्धारित कंप्लायंस और सुरक्षा मानकों के तहत संचालित करता है और उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज प्रशासन को सौंप दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान सरकार और प्रशासन के साथ पूरी सहयोगी भावना से काम कर रहा है और सुरक्षा से जुड़े हर नियम का पालन करता है. उनके मुताबिक, एलन की कानपुर में दो शाखाएं हैं, जहां करीब 4500 से 5000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. ऐसे में सीलिंग की वजह से पढ़ाई पर असर पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन छात्रों के नुकसान की भरपाई के लिए संस्थान अतिरिक्त कक्षाओं और ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था शुरू करेगा, ताकि उनकी तैयारी पर ज्यादा असर न पड़े. प्रबंधन का यह भी कहना है कि फायर एग्जिट, बिल्डिंग सेफ्टी और अन्य सुरक्षा इंतजाम पहले से लागू हैं और लखनऊ की घटना के बाद इन मामलों में और ज्यादा सावधानी बरती जा रही है.
पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि देशभर के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुकी है. सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा होना चाहिए, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि जांच और नियमों का पालन समय रहते सुनिश्चित किया जाए, ताकि अचानक क्लास बंद होने जैसी स्थितियों से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो. कोचिंग संस्थानों की जांच, सीलिंग और उसके बाद उठाए जा रहे कदम भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं. एलन सहित अन्य संस्थान भी प्रशासन के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं. ऐसे में यह साफ है कि आगे बेहतर निगरानी, नियमित जांच और नियमों का सख्ती से पालन ही छात्रों की जान और उनकी पढ़ाई-दोनों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित होगा.
ADVERTISEMENT









