मुझ पर कोई दबाव नहीं था, खुद यूट्यूब देखकर इस्लाम अपनाया... आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने बयां की अपनी कहानी

शामली के बहुचर्चित मामले में आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने धर्म परिवर्तन के अपने अनुभव साझा किए हैं. कहा- चांदनी कुरैशी से 4 साल पहले निकाह हुआ था और डॉ. इसरार अहमद के यूट्यूब वीडियो देखकर इस्लाम को समझा.

यूपी तक

• 05:28 PM • 08 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आ गया है. इस पूरे प्रकरण के केंद्र में रहे युवक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने सामने आकर अपने धर्म परिवर्तन के अनुभवों को साझा किया है. आयुष ने विस्तार से बताया कि किस तरह उन्होंने धीरे-धीरे इस्लाम को समझा और मोहम्मद अली का नाम अपनाया. पुलिस की जांच और तरह-तरह के दावों के बीच आयुष ने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसला किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह से उनकी आंतरिक सोच और व्यक्तिगत यात्रा पर आधारित है.

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धर्म परिवर्तन भीतर से होना चाहिए, न कि केवल औपचारिक: आयुष मलिक

आयुष मलिक ने सिलसिलेवार ढंग से अपने विचारों और मुलाकातों के बारे में बात की:

  • फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क: आयुष ने बताया कि उन्हें कंधे की चोट (लिगामेंट टियर) थी, जिसके इलाज के दौरान वे अपनी फिजियोथेरेपिस्ट के संपर्क में आए और धीरे-धीरे उनके मुस्लिम मित्रों व परिवार से जान-पहचान बढ़ी.
  • दिल का फैसला: धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पर अपना नजरिया रखते हुए आयुष ने कहा कि यह कोई महज औपचारिक प्रक्रिया या बाहरी दिखावा नहीं है, बल्कि यह इंसान के भीतर से होना चाहिए.
  • इंटरनेट और यूट्यूब का असर: उन्होंने बताया कि वे खुद से ही चीजें सीखने और जानने के शौकीन थे. यूट्यूब पर डॉ. इसरार अहमद जैसे विचारकों और मौलानाओं के वीडियो देखकर इस्लाम को लेकर उनकी समझ और पकड़ लगातार मजबूत होती चली गई.

बीपी बढ़ने और हाथ कांपने की तकलीफ में आयतों से मिली राहत

आयुष ने इस लंबी प्रक्रिया के दौरान अपने जीवन में आए बदलावों और शुरुआती शारीरिक चुनौतियों का भी जिक्र किया:

  • शारीरिक परेशानियां: उन्होंने साझा किया कि शुरुआती दौर में उन्हें ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ने और हाथ कांपने जैसी गंभीर दिक्कतें होने लगी थीं.
  • कुरान की आयतों का सहारा: इस परेशानी के दौरान उन्होंने यूट्यूब और अन्य स्रोतों के माध्यम से कुरान की आयतें ('कुल वल्लाह') पढ़ना शुरू किया. आयुष के अनुसार, इन आयतों के पाठ से उन्हें आंतरिक ताकत मिली और धीरे-धीरे उनकी शारीरिक तकलीफें कम होने लगीं. यह बदलाव रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे एक लंबा समय और गहरी सोच रही है.

4 साल पहले चांदनी से हुआ था निकाह, दबाव के आरोपों को नकारा

संपत्ति और जबरन धर्मांतरण के आरोपों के बीच आयुष ने अपनी शादी और कामकाजी माहौल को लेकर स्थिति स्पष्ट की:

  • चार साल पहले हुआ निकाह: आयुष ने बताया कि उनका निकाह चार साल पहले ही चांदनी कुरैशी से हो चुका था, जो उनकी इस धार्मिक व व्यक्तिगत यात्रा का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं.
  • कोई दबाव नहीं: उन्होंने साफ किया कि उनके व्यवसाय (मेडिकल स्टोर) में पहले भी और अब भी कई मुस्लिम कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन उनकी तरफ से कभी भी धर्म बदलने का कोई दबाव या बाध्यता नहीं थी.

'किसी भी सुनियोजित रैकेट से मेरा कोई लेना-देना नहीं'

देश भर में चलने वाले कथित धर्मांतरण के सुनियोजित रैकेट्स और यूपी एटीएस (UP ATS) की जांच को लेकर आयुष ने खुद को पूरी तरह अलग बताया: