फिरोजाबाद के सेल रोड स्थित दलित बाहुल्य क्षेत्र में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों के संरक्षण को लेकर सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है. अब सभी सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित बाबा साहब की मूर्तियों के ऊपर छत्र लगाना और उनके चारों ओर बाउंड्री बनाना अनिवार्य कर दिया गया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य मूर्तियों को धूप, बारिश और खराब मौसम से बचाना है. हालांकि, यह नियम एक महीने पहले ही लागू कर दिया गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर जमीन विवाद और कुछ सामाजिक मतभेदों के कारण निर्माण कार्य में रुकावटें आ रही हैं, जिससे मूर्तियों की उचित देखभाल और सुरक्षा प्रभावित हो रही है.
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स्थानीय निवासियों का मानना है कि बाउंड्री और छत्र न होने से कई बार इन स्थलों पर विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है, जिसका सीधा असर इलाके की शांति और व्यवस्था पर पड़ता है. क्षेत्र के लोग इस सरकारी नियम का पूरा समर्थन कर रहे हैं और उनका कहना है कि बाउंड्री के अभाव में मूर्तियों को नुकसान पहुँचने की आशंका बनी रहती है. फिलहाल, कई मूर्तियां खुले आसमान के नीचे हैं और उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं है. ग्रामीण और स्थानीय समुदाय चाहता है कि जमीन से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि उनकी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके.
यह कदम न केवल बाबा साहब के प्रति सम्मान प्रकट करने का जरिया है, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल है. बाबा साहब के जन्मदिन जैसे महत्वपूर्ण अवसरों से पहले इन कार्यों को पूरा करने की मांग की जा रही है ताकि उनके सम्मान और स्मृति को अक्षुण्ण रखा जा सके. स्थानीय लोगों ने सरकार से अपील की है कि कुछ असामाजिक तत्वों और कानूनी बाधाओं के कारण रुके हुए इस कार्य को गंभीरता से लेकर शीघ्र पूरा किया जाए. समाज के लिए यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे अपने महान व्यक्तित्वों के स्मारकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करें.
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