Mahakumbh News: महाकुंभ के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति पर मंगलवार को सुबह से अखाड़ों के साधु संतों का अमृत स्नान जारी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, अब तक 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई है. बता दें कि अखाड़ों के अमृत स्नान में सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा के साधु संतों ने हर हर महादेव के घोष के साथ संगम पर अमृत स्नान किया.
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महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा के बाद तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा के साधु संतों ने अमृत स्नान किया. इसमें सबसे आगे अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी चल रहे थे और उनके बाद अखाड़ा के झंडे और फिर आराध्य देवता कार्तिकेय स्वामी और सूर्य नारायण पालकी पर सवार थे. इनके पीछे नागा सन्यासियों की टोली थी। इन सभी के बीच निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि एक भव्य रथ पर सवार थे.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, 'यह हमारी सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत स्वरूप है. आज लोक आस्था के महापर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महाकुम्भ 2025, प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में प्रथम अमृत स्नान कर पुण्य अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन.'
बता दें कि कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद प्रयागराज में हर दिशा से जनसैलाब सुबह से ही संगम की ओर जाता दिखाई दिया. आम श्रद्धालु स्नान के साथ ही संगम क्षेत्र में अखाड़ों के साधु संतों के भी दर्शन कर रहे हैं. संगम तट पर अमृत स्नान के बाद युवा और बुजुर्ग साधु संत और नागा सन्यासी शरीर पर भभूत लगाकर घाट से अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं और आशीर्वाद स्वरूप भभूत लोगों पर छिड़क रहे हैं. नागा सन्यासियों के दर्शन की अभिलाषा में भारी संख्या में लोग संगम घाट पर मौजूद हैं.
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