भारतीय नौसेना का जवान आदर्श कुमार निकला ISI का जासूस, यूपी ATS की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप...

Agra Spying Case: आगरा के चीतपुर गांव के रहने वाले भारतीय नौसेना के जवान आदर्श कुमार उर्फ लकी को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है. उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है.

यूपी तक

• 04:36 PM • 11 Mar 2026

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Agra Spying Case: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. भारतीय नौसेना में तैनात एक जवान पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (ISI) के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है. यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि वह भारत से जुड़ी संवेदनशील और रणनीतिक जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है.

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आगरा के चीतपुर गांव का रहने वाला है आरोपी

गिरफ्तार किया गया जवान आदर्श कुमार उर्फ लकी बताया जा रहा है जो आगरा के चीतपुर गांव का निवासी है. वह भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर तैनात है. जानकारी के मुताबिक फिलहाल उसकी पोस्टिंग केरल में थी. जांच एजेंसियों को शक है कि वह लंबे समय से पाकिस्तान में मौजूद आईएसआई एजेंट के संपर्क में था.

संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप

सूत्रों के अनुसार यूपी एटीएस को काफी समय से इनपुट मिल रहे थे कि भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाई जा रही हैं. इन सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी. जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी जवान कथित तौर पर भारत की रणनीतिक और संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट को भेज रहा था. इतना ही नहीं, सूत्रों का यह भी दावा है कि उसके बैंक खाते से आईएसआई से जुड़े लोगों को पैसे भी ट्रांसफर किए गए थे.

निगरानी के बाद ATS ने किया गिरफ्तार

इनपुट मिलने के बाद यूपी एटीएस ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी. जब जांच एजेंसी को पर्याप्त सबूत मिले तो कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया.

इस मामले को लेकर डीसीपी वेस्ट आदित्य ने जानकारी दी कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया है. कोर्ट के आदेश के बाद उसे पुलिस कस्टडी में जिला जेल भेज दिया गया है. फिलहाल जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं.

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित जासूसी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी कब से और किस तरह से संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था.

अगर जांच में लगे आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा खुलासा माना जाएगा. फिलहाल यूपी एटीएस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश भी जारी है.

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