उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के काठा गांव में एक ऐसी शादी हुई जिसने न केवल सभी की आंखें नम कर दीं, बल्कि भारतीय सेना के बीच अटूट भाईचारे की एक मिसाल भी पेश की. यहां दिवंगत हवलदार हरेंद्र सिंह की बेटी प्राची की शादी में उनके फौजी साथियों ने पिता का हर फर्ज निभाया. दिवंगत हवलदार हरेंद्र सिंह 21 जाट रेजिमेंट में तैनात थे और 2020 में रिटायरमेंट के बाद एक हादसे में उनका निधन हो गया था. उनकी बेटी प्राची की शादी में पिता की कमी को पूरा करने के लिए उनकी यूनिट के कैप्टन, सूबेदार और कई जवान वर्दी पहनकर पहुंचे.
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शादी के दौरान फौजियों ने अपनी लाडली बेटी प्राची को जमीन पर पैर तक नहीं रखने दिया. जवानों ने अपनी हथेलियां बिछा दीं और उसे मंडप तक पहुंचाया. मंडप में कन्यादान की पवित्र रस्म भी पिता के इन्हीं फौजी साथियों ने निभाई. जवानों ने न केवल रस्में पूरी कीं, बल्कि सामूहिक रूप से ₹3,01,100 (तीन लाख एक हजार एक सौ रुपये) का कन्यादान देकर परिवार की आर्थिक मदद भी की. प्राची के भाई, जो खुद एक अग्निवीर हैं, ने बताया कि पापा की यूनिट के साथियों ने शुरू से लेकर विदाई तक हर रस्म में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया.
विदाई का भावुक पल
विदाई के वक्त नजारा बिल्कुल वैसा ही था जैसे कोई पिता अपनी बेटी को विदा करता है. फौजियों की इस गरिमामय उपस्थिति ने साबित कर दिया कि सेना में साथियों का रिश्ता ड्यूटी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक परिवार बन जाता है.
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