Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्यनिकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई. इस इमारत में 'हॉस्टल डेज' नाम से एक लड़कों का पीजी (PG) चलता था, जिसमें मुख्य रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्र रहते थे. इस भयानक हादसे में कई छात्रों और वहां काम कर रहे 7-8 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, कैट एंबुलेंस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम मौके पर पहुंच गई है. रेस्क्यू टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं. इस हादसे को लेकर नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दुख जताया है.
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भरभरा कर गिरी 5 मंजिला इमारत
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना मिली थी. चश्मदीदों ने बताया कि 'हॉस्टल डेज' की पांच मंजिला बिल्डिंग के साथ ही बगल वाली एक और पीजी की बिल्डिंग भी गिरी है. हादसे के वक्त पास की एक पीली इमारत भी हिल रही थी. मलबे के कारण इन पीजी इमारतों के आगे और पीछे, दोनों तरफ के रास्ते पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं.
मलबे में फंसे छात्र और मजदूर
हादसे के वक्त इमारत के कमरों में मौजूद सभी छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बिल्डिंग के नीचे करीब 7 से 8 मजदूर भी काम कर रहे थे. अनुमान लगाया जा रहा है कि मलबे के नीचे 10 से लेकर 30 लोग तक फंसे हो सकते हैं. हालांकि, कितने बच्चे दबे हैं, इसका सही आंकड़ा हॉस्टल के रजिस्टर की जांच के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा.
स्थानीय लोगों ने 4 को निकाला
इमारत गिरने के तुरंत बाद आसपास के लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाकर अब तक करीब 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं और मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने का काम लगातार जारी है.
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उठाई मांग
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस हादसे का वीडियो शेयर करते हुए गहरा दुख जताया है. उन्होंने दिल्ली सरकार से अपील की है कि राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरती जाए. इसके साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि क्या इस इमारत में हॉस्टल चलाने के लिए सुरक्षा और अनुमति से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं.
सीएम रेखा गुप्ता ने जताया दुख
इस दर्दनाक हादसे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बचाने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर बचाव कार्य कर रही हैं.
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