मुजफ्फरनगर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. सांसद हरेंद्र मालिक ने अपने 50 वर्षों के व्यापक राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी की आगामी जनसभा को ऐतिहासिक बनाने का दावा किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मेगा रैली में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव स्वयं शामिल होंगे, जो न केवल विपक्ष को चुनौती देगी बल्कि क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के बढ़ते जनाधार का प्रदर्शन भी करेगी.
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सांसद ने 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी की संयुक्त रैली में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण न दिए जाने को 'अशिष्टता' और आयोजकों की संकुचित मानसिकता का परिचायक बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में राजनीतिक समन्वय का अभाव रहा और रैली में आम जनता से अधिक सरकारी कर्मचारियों की भीड़ जुटाई गई. इसके बावजूद, सांसद ने सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाने और उनके अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती से लड़ने का संकल्प दोहराया है.
विकास के मुद्दों पर जोर देते हुए सांसद ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, बड़े अस्पतालों के निर्माण और स्थायी रोजगार के लिए कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की पुरजोर मांग की. उन्होंने किसानों और कृषि को राजनीति का मूल आधार बताते हुए जाति-धर्म से ऊपर उठकर समस्याओं के समाधान की वकालत की. सांसद ने आगामी विधानसभा चुनाव के बदलते समीकरणों का जिक्र करते हुए प्रशासन को सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी और जनता से लोकतंत्र की मजबूती के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया.
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