Muzaffarnagar District Hospital: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां इलाज के लिए भर्ती एक मरीज की कथित मारपीट के बाद मौत हो गई. आरोप है कि अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती एक अन्य मरीज के परिजन ने विवाद के दौरान मरीज के साथ मारपीट कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए.
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लीवर की बीमारी का चल रहा था इलाज
जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय रमेश पाल लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे. उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें मुजफ्फरनगर के जिला सरकारी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था.
उसी आईसीयू में कमला देवी नाम की एक बुजुर्ग महिला भी भर्ती थीं, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उपचार दिया जा रहा था. दोनों मरीजों का इलाज सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन देर रात एक विवाद ने पूरे अस्पताल को हिलाकर रख दिया.
आईसीयू में कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप
बताया जा रहा है कि रविवार देर रात आईसीयू में किसी बात को लेकर कमला देवी के बेटे संजय और रमेश पाल के बीच कहासुनी हो गई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि संजय ने आईसीयू के अंदर ही रमेश पाल के साथ मारपीट शुरू कर दी.
मारपीट के दौरान रमेश पाल की नाक पर गंभीर चोट आई. अस्पताल में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे.
इमरजेंसी वार्ड में किया गया शिफ्ट
घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने घायल रमेश पाल को तुरंत आईसीयू से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया. परिजनों को उम्मीद थी कि उनकी हालत में सुधार होगा, लेकिन सोमवार सुबह इलाज के दौरान रमेश पाल ने दम तोड़ दिया.
मरीज की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस ने आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है.
CCTV फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. आईसीयू और अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवाद कैसे शुरू हुआ और घटना के समय अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी.
जांच में यह भी देखा जाएगा कि अस्पताल कर्मचारियों की कहीं कोई लापरवाही तो नहीं थी. पुलिस ने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल वह जगह होती है, जहां लोग इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. ऐसे में यदि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में हिंसा की घटना हो जाए और एक मरीज की जान चली जाए, तो यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए चिंता का विषय है.
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज का इंतजार कर रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आईसीयू में उस रात आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने इलाज करा रहे एक मरीज की जान ले ली.
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