UP News: उन्नाव के सदर कोतवाली के पूरन नगर में रहने वाले कमलेश कुमार को लीवर की समस्या थी. पेशे से राज मिस्त्री कमलेश की देखभाल उनका छोटा भाई विमलेश और पूरा परिवार खूब करता था. परिवार ने कमलेश को ठीक करने की काफी कोशिश की. यहां तक की छोटा भाई, जो पेशे से एम्बुलेंस चालक है, वह भाई को एम्बुलेंस में डालकर कई जगह इलाज के लिए लेकर गया. मगर आखिरकार कमलेश को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई.
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मौत से पहले कमलेश ने अपने छोटे भाई विमलेश से एक वादा किया. इसके बाद उन्नाव से जो तस्वीर सामने आई, उसे देख हर कोई हैरान रह गया. कमलेश का अंतिम संस्कार हुआ. उनका शव पहले उनके घर और फिर श्मशान गृह में लेकर जाया गया. मगर इस दौरान पूरा क्षेत्र में एम्बुलेंस के सायरन बजते रहे. दरअसल कमलेश की आखिरी इच्छा कुछ ऐसी ही थी.
क्या था आखिरी वादा?
बीमार बड़े भाई कमलेश ने अपनी अंतिम इच्छा छोटे भाई से जताई थी. उन्होंने कहा था कि उनकी शव यात्रा में कई एम्बुलेंस हो और सभी सायरन बजाए. छोटे भाई ने भी बड़े भाई से किया वादा पूरा किया और बड़े भाई की शव यात्रा में 16 एम्बुलेंस चलवाई और सभी सायरन बजाती रहीं.
सायरन बजाते निकलती एक साथ 16 एम्बुलेंस की शव यात्रा को देखकर सभी दंग रह गए. मगर जब लोगों को इसके पीछे की कहानी पता चली, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं.
बीमारी में लगा दिया सारा पैसा
छोटे भाई विमलेश ने बताया, बड़े भैया को सही करने की काफी कोशिश की. उनकी बीमारी में सारा पैसा लगा दिया. मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका. वह खुद प्राइवेट एम्बुलेंस चलाते हैं. आखिरी वादा पूरा करने के लिए उन्होंने अपने एम्बुलेंस चालक दोस्तों से मदद ली और वह सभी भैया की शव यात्रा में अपनी-अपनी एम्बुलेंस लेकर पहुंचे.
कमलेश अपने पीछे पत्नी सरला, बेटी और छोटे बेटे को छोड़कर गए हैं. फिलहाल उनकी मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है.
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